बिहार में हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए ने प्रचंड बहुमत के साथ जीत हासिल की। एनडीए ने जहां 202 सीटों पर जीत दर्ज की, इनमें से बीजेपी को 89 और जेडीयू के खाते में 84 सीटें आयीं। चुनावों के दौरान 1.5 करोड़ महिलाओं के खातों में पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये जमा कराने वाली मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना को एनडीए की चुनावी जीत के कारणों में से एक माना जा रहा है । एनडीए नेताओं का कहना है कि इसका एक बड़ा श्रेय असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को जाता है।

असम के सीएम सरमा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्होंने नीतीश कुमार सरकार के अनुरोध पर लगभग 5 महीने पहले अपने नौकरशाहों को बिहार भेजा था। उन्होंने बिहार के तत्कालीन मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा और तत्कालीन विकास आयुक्त तथा वर्तमान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के समक्ष ‘जीविका 10,000 रुपये मॉडल’ पर एक प्रेजेंटेशन दिया था, जिसे बाद में नई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में शामिल कर लिया गया। हालांकि जेडीयू के नेता सरमा की भूमिका को स्वीकार करते हैं लेकिन पार्टी का कहना है कि यह ‘सामूहिक विचार’ का परिणाम था।

प्रधानमंत्री के 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने के विज़न से प्रेरित थी योजना

हिमंता बिस्वा सरमा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “यह योजना प्रधानमंत्री के 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने के विज़न से प्रेरित थी। श्री संजय झा (जद-यू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष) के अनुरोध पर, मैंने अपने अधिकारियों की टीम के साथ, 5 महीने पहले बिहार के मुख्य सचिव और महत्वपूर्ण राजनेताओं के सामने एक प्रेजेंटेशन दिया था।” सरमा ने कहा, “मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना भी असम के अरुणोदय से प्रेरित थी।” प्रत्येक पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रति माह के भुगतान वाली मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना ने 2023 के कड़े मुकाबले वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता में वापसी में मदद की।

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असम टीम द्वारा आयोजित प्रेजेंटेशन में शामिल एक भाजपा नेता ने बताया कि सरमा और उनके अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि महिलाओं को बिज़नेस आइडिया लाने के लिए 10,000 रुपये की नॉन-रिफंडेबल सीड मनी दी जाए। नेता ने बताया, “हमारे नौकरशाहों ने बाद में इस पर काम किया और तय किया कि किसी महिला (उसे या उसके पति को करदाता नहीं होना चाहिए) को व्यवसाय शुरू करने के लिए, उसकी व्यवहार्यता के आधार पर, किश्तों में 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त राशि दी जा सकती है।”

तेजस्वी यादव ने की थी ‘माँ बहिन मान योजना’ की घोषणा

जेडीयू के एक नेता ने बताया कि एनडीए ने एक ऐसे कारगर मॉडल की तलाश शुरू कर दी है जो महिलाओं पर केंद्रित हो। जब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इस साल की शुरुआत में बिहार में महागठबंधन के सत्ता में आने पर ‘माँ बहिन मान योजना’ की घोषणा की थी, जिसमें राज्य की प्रत्येक महिला को 2,500 रुपये प्रति माह देने का वादा किया गया था। सूत्रों ने बताया कि एनडीए इस बात को लेकर चिंतित था क्योंकि महिलाओं को नीतीश का वफ़ादार समर्थक माना जाता था और उनकी सत्ता में वापसी के लिए ये बेहद अहम थीं। नीतीश पर भी दबाव था, क्योंकि 2023 में महागठबंधन सरकार का नेतृत्व करते हुए उन्होंने घोषणा की थी कि बिहार 2022-23 जाति सर्वेक्षण रिपोर्ट के प्रकाशन के बाद, राज्य में 6,000 रुपये प्रति माह से कम कमाने वाले 94,000 परिवारों में से प्रत्येक के एक सदस्य को हर साल 2 लाख रुपये दिए जाएंगे।

जेडीयू अध्यक्ष संजय झा ने असम के सीएम सरमा से सुझाव देने का अनुरोध किया

एक जेडीयू नेता ने कहा, “हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने असम के सीएम सरमा से सुझाव देने का अनुरोध किया क्योंकि जीविका मॉडल सबसे पहले असम द्वारा शुरू किया गया था।” असम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जो बिहार जीविका मॉडल के समान है, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करता है और इसमें जीविका सखियों सहित सामुदायिक कार्यकर्ताओं का एक समूह है।

जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि 10,000 रुपये की योजना, जो चुनावों के दौरान “दस-हजारी” के रूप में लोकप्रिय हुई, “सामूहिक विचार का परिणाम” थी। भाजपा प्रवक्ता कुमकुम भारद्वाज ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार को “दस-हजारी” योजना के लिए श्रेय दिया जाना चाहिए क्योंकि एनआरएलएम ही जीविकाओं को वित्तपोषित करता है, जिन्हें केंद्र में आजीविका के नाम से जाना जाता है। उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री जन-धन योजना महिलाओं के लिए वास्तविक वित्तीय समावेशन का पहला द्वार बनी। एनआरएलएम इस बदलाव की रीढ़ बनी।”

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बिहार मंत्रिमंडल 2025 – पार्टी के अनुसार वितरण

27 सदस्यीय मंत्रिमंडल की पूर्ण सूची
भारतीय जनता पार्टी (BJP)
14
सम्राट चौधरी उप मुख्यमंत्री
विजय कुमार सिन्हा उप मुख्यमंत्री
मंगल पांडेय
दिलीप कुमार जायसवाल
रामकृपाल यादव
नितिन नबीन
संजय सिंह टाइगर
अरुण शंकर प्रसाद
सुरेंद्र मेहता
नारायण प्रसाद
रमा निषाद
लखेंद्र कुमार रौशन
श्रेयसी सिंह
डॉ. प्रमोद कुमार
जनता दल (यूनाइटेड) – JDU
8
नीतीश कुमार मुख्यमंत्री
विजय कुमार चौधरी
बिजेंद्र कुमार यादव
श्रवण कुमार
अशोक चौधरी
लेशी सिंह
मदन सहनी
सुनील कुमार
जमां खान
लोजपा (राम विलास) – LJP(RV)
2
संजय कुमार
संजय कुमार सिंह
अन्य दल (HAMS + रालोमो)
2
संतोष कुमार सुमन HAMS
दीपक प्रकाश रालोमो
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