पश्चिम बंगाल के हुगली से बीएसएफ के हेड कांस्टेबल पूर्णम कुमार शॉ को पाकिस्तानी रेंजर्स ने पकड़ लिया। कश्मीर के पहलगाम में हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच चल रही टेंशन के बीच शॉ ने बुधवार को फिरोजपुर के पास अनजाने में बॉर्डर क्रॉस कर लिया। इसके करीब पांच दिन बाद बीएसएफ अधिकारियों ने रविवार सुबह हुगली के रिशरा में उनके परिवार से मुलाकात की और आश्वासन दिया कि वे उनकी रिहाई के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं।
पूर्णम के पिता भोलानाथ शॉ ने कहा, ‘आज बीएसएफ के अधिकारी हमारे घर आए। हमने उनसे अपने बेटे के बारे में बात की। उन्होंने बस इतना कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं, हम उसे जल्द से जल्द वापस लाएंगे। आज उनके आने के बाद हमें कुछ उम्मीद जगी है। पिता ने कहा कि बीएसएफ अधिकारियों ने कहा है, मजबूत रहो, वह घर लौट आएगा, वह अच्छे स्वास्थ्य में है। हालांकि, वे इस बारे में कोई आश्वासन नहीं दे सके कि यह कितनी जल्दी संभव होगा।
पूर्णम का परिवार पठानकोट रवाना होगा
पूर्णम की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य सोमवार को पठानकोट के लिए रवाना होंगे। वे दोपहर 1 बजे चंडीगढ़ के लिए उड़ान भरेंगे और फिर पठानकोट में बीएसएफ कैंप के लिए रवाना होंगे। पूर्णम की पत्नी रजनी शॉ ने कहा, ‘हम कल दोपहर 1 बजे की फ्लाइट से चंडीगढ़ के लिए रवाना होंगे। वहां से हम पठानकोट जाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘अगर हमें वहां कोई उम्मीद नहीं दिखती है, तो हम वहां से दिल्ली जाएंगे। हम प्रधानमंत्री से मिलेंगे।’
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बीएसएफ अधिकारियों के घर आने के बाद उम्मीद जगी – रजनी शॉ
रजनी शॉ ने बताया, ‘बीएसएफ के अधिकारी आज घर आए थे। उन्होंने कहा कि वे उसे बहुत जल्द घर ले आएंगे। उनके आने के बाद हमें कुछ उम्मीद जगी। अब लगता है कि कुछ अच्छी खबर आएगी। उन्होंने कहा कि वे उसे वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।’ खबर है कि बीएसएफ अधिकारियों ने पूर्णम की रिहाई सुनिश्चित करने के प्रयास में पठानकोट सीमा पर पाकिस्तान रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग की है।
पूर्णम के भाई राजेश्वर पांडे ने बताया था, ‘यह घटना बुधवार को हुई थी। उसके दोस्त ने बताया, ‘वह ड्यूटी पर था और उसकी तबियत ठीक नहीं थी, इसलिए उसने आराम करने के लिए एक पेड़ के नीचे बैठने का सोचा और वह सो गया। उसी समय, पाकिस्तानी रेंजर्स आए, उसके हथियार छीन लिए और उसे अपने साथ ले गए। हमने बीएसएफ ऑफिस को फोन किया और उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि उसे छुड़ाने की कोशिश जारी है। वह 24वीं बटालियन का हिस्सा था।’ परिवार ने सरकार से की भावुक अपील
