कश्मीरी नेताओं को नजरबंद करने के फैसले पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह को दयालु और उदार कहा है। उन्होंने कहा है कि नजरबंद नेताओं को वो सभी चीजें मुहैया करवाई जा रही हैं जिनकी मांग की जा रही है। उन्होंने (नजरबंद नेता) नाश्ते में ब्राउन ब्रेड और जिम की मांग की जिसे पूरा किया गया जिसका मतलब साफ है शाह बेहद ही दयालु और उदार हैं।
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाए जाने के 45 दिन पूर होने के बाद एक न्यूज चैलन के कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने यह बयान दिया। बता दें कि आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद राज्य के सभी बड़े नेताओं को नजरबंद रखा गया है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, फारुख अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला जैसे नाम शामिल हैं। कार्यक्रम में बातचीत के दौरान जितेंद्र सिंह ने आगे कहा ‘कश्मीरी जो चाहते थे राज्य में अब वही हो रहा है। प्रतिबंध के दौरान गृह मंत्री ने जिन उपायों को आजमाया वह बेहद ही उदार हैं। जबकि कुछ साल पहले शेख अब्दुल्ला को नजरबंद करके 2000 किलो मीटर दूर तमिलनाडु में रखा गया था।’
उन्होंने कहा ‘कश्मीर के मौजूदा हालातों पर जो मनगढ़ंत बातें चल रही हैं वह सही नहीं है। राज्य के कुल 200 पुलिस स्टेशनों में से एक दर्जन पुलिस स्टेशन एरिया में ही कड़ी पाबंदी लगी हुई है। बाकी जगहों पर पाबंदी हटा दी गई है। कर्फ्यू जैसी कोई स्थिति नहीं है।’
इससे पहले जितेंद्र सिंह ने हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई को लेकर कहा था कि सभी को 18 महीनों से पहले रिहा कर दिया जाएगा। 15 सितंबर को कटरा में एक कार्यक्रम के दौरान सिंह का यह बयान सामने आया था। जम्मू-कश्मीर के नेताओं की हिरासत अवधि को लेकर किसी भी सीनियर नेता का यह पहला बयान था। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि जैसे ही हालात सामान्य हो जाएंगे जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा।
