जेडीयू (JDU) की राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनता दल (यूनाइटेड) ने सम्मानजनक तरीके से केसी त्यागी से दूरी बना ली है।
दरअसल, कुछ दिन पहले केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए भारत रत्न की मांग की थी। इस मांग के सामने आने के बाद जेडीयू ने खुद को इससे अलग कर लिया था। पार्टी ने जोर देकर कहा था कि यह केसी त्यागी का निजी विचार है और पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं।
आज तक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केसी त्यागी और जेडीयू के बीच अब सम्मानजनक अलगाव हो चुका है। यह भी दावा किया गया है कि केसी त्यागी की वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए पार्टी उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करेगी। हालांकि, उनसे यह उम्मीद जरूर की जा रही है कि वे आगे चलकर पार्टी की नीतियों और फैसलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे और न ही किसी भूमिका में पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे।
असल में, इससे पहले भी जेडीयू नेताओं ने साफ किया था कि केसी त्यागी की भारत रत्न से जुड़ी मांग पार्टी का आधिकारिक स्टैंड नहीं है। जेडीयू नेता राजीव रंजन ने कहा था कि पार्टी को यह तक नहीं पता कि केसी त्यागी किस हद तक पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ हैं या नहीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि केसी त्यागी के किसी भी बयान या पत्र को उनकी निजी हैसियत में दिया गया बयान माना जाना चाहिए।
गौरतलब है कि इससे पहले भी केसी त्यागी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। हाल ही में उन्होंने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में बयान दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि खेल में राजनीति नहीं लानी चाहिए और यह भी टिप्पणी की थी कि अगर बांग्लादेश ने किसी हिंदू क्रिकेटर को कप्तान बनाया है, तो भारत में भी मुस्तफिजुर रहमान को लेकर दोबारा विचार किया जा सकता है। इस बयान के बाद भी जेडीयू ने खुद को केसी त्यागी की टिप्पणी से अलग कर लिया था और उन्हें कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
