Happy Independence Day 2018 (स्‍वतंत्रता दिवस 2018): गढ़वाल राइफल्स के मेजर आदित्य कुमार और राइफलमैन औरंगजेब (मरणोपरांत) को स्वतंत्रता दिवस पर शौर्य पुरस्कार से नवाजा जाएगा। भारत मां के इन दोनों ही सपूतों ने जम्मू और कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ अपनी जांबाजी का परिचय दिया था, जिसके बाद इनके नाम देश के तृतीय सर्वोच्च वीरता पदक के लिए चुने गए हैं।

आपको बता दें कि यह पुरस्कार देश में सैन्य कर्मियों और अन्य नागरिकों को उनकी बहादुरी या आत्म बलिदान के लिए दिया जाता है। शौर्य चक्र के विजेताओं के नाम का ऐलान होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने असल जिंदगी के इन हीरो को सलाम किया था।

कौन हैं मेजर आदित्य कुमार?: कुमार 10 गढ़वाल राइफल्स से जुड़े हैं। 27 जनवरी को कश्मीर के शोपियां में पत्थरबाजों की भीड़ पर उनकी यूनिट ने फायरिंग कर दी थी, जिसके बाद वह सुर्खियों में आए। झड़प के दौरान तीन लोगों की जान चली गई थी। कश्मीर सरकार ने उसके बाद जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद एक एफआईआर रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धारा 302, 307 के तहत दर्ज की गई थी। सुप्रीम कोर्ट में उस एफआईआर को मेजर के पिता ने चुनौती दी, जहां केंद्र सरकार ने कहा कि मेजर का नाम एफआईआर में आरोपी के तौर पर नहीं था। केंद्र ने बाद में उस एफआईआर को रद्द करने के लिए कहा था।

जानें औरंगजेब कोः दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में इसी साल जून में आतंकियों ने औरंगजेब नाम के राइफलमैन का पहले अपहरण किया, बाद में गासू गांव में उनकी हत्या कर दी गई। वह 44, राष्ट्रीय राइफल्स से जुड़े थे। उनका अपहरण तब हुआ, जब वह ईद का जश्न मनाने के लिए अपने घर रवाना हो रहे थे। वह मूल रूप से पुंछ के सलानी गांव के रहने वाले थे और 2012 में सेना में शामिल हुए थे।

किसे मिलता है शौर्य चक्र?:

– gallantryawards.gov.in के अनुसार, सेना, नौसेना, वायुसेना, रिजर्व फोर्स और टेरिटोरियल आर्मी के सभी रैंक के पुरुष और महिला अधिकारी इसे पाने के लिए योग्य होते हैं।

– सुरक्षाबलों में नर्सिंग सर्विसेज के सदस्य भी इसे हासिल कर सकते हैं।

– आम नागरिक के अलावा पुलिस फोर्स के सदस्य, जिनमें केंद्रीय पैरा-मिलिट्री फोर्स और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के अधिकारी व कर्मचारी शामिल होते हैं।