दिग्गज राजनेता और समता पार्टी के संस्थापक जॉर्ज फर्नांडिस नहीं रहे। राजनीतिक मोर्चे पर बागी नेता के छवि वाले जॉर्ज की निजी जिंदगी के आखिरी कुछ साल उथल पुथल भरे रहे। पहली पत्नी लैला कबीर के अमेरिका जाने के बाद जॉर्ज जया जेटली के नजदीक आए। जया जेटली जॉर्ज फर्नांडिस के महकमे में तैनात सचिव की पत्नी थीं। कहा जाता है कि जया और जॉर्ज कॉलेज में एक साथ पढ़े थे। 1984 में लैला पति से अलग हो गईं। फिर जॉर्ज जया जेटली के ज्यादा नजदीक आ गए। जब 2009 में जॉर्ज की तबीयत बेहद खराब हो गई तो फिर लैला उनकी जिंदगी में दोबारा लौटीं और उन्होंने कोर्ट के जरिए जॉर्ज के जया के मिलने पर रोक लगा दी। कहा जाता है कि लैला ने यह कदम उन्होंने संपत्ति पर मालिकाना हक के मद्देनजर उठाया था।

जॉर्ज की पहली पत्नी से जया का टकराव जरूर रहा हो लेकिन इस बात में कोई शक नहीं कि वह जॉर्ज के बेहद नजदीक रहीं। वहीं, राजनीतिक तौर पर जॉर्ज के बेहद करीबी रहे वर्तमान सीएम नीतीश कुमार उन्हें अपना गुरु कहते रहे हैं। हालांकि, जया जेटली की नीतीश कुमार को लेकर अलग राय है। जया जेटली ने अपने संस्मरण ‘लाइफ अमॉन्ग द स्कॉर्पियंस-मेमोयर ऑफ ए वुमन इन इंडियन पॉलिटिक्स’ में आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार ने जॉर्ज के साथ बेहद खराब बर्ताव किया। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में जया जेटली ने कहा था कि जब जॉर्ज की तबीयत खराब हुई तो नीतीश कुमार ने उन्हें छोड़ दिया। जॉर्ज और फर्नांडिस के खराब रिश्तों पर जेटली का कहना है, ‘आप उन्हें (जॉर्ज) अपने नेता बताते हुए बड़े भाषण नहीं दे सकते, जबकि आप उनका कुशलक्षेम तक नही पूछ सकते।’

नीतीश और जॉर्ज ने मिलकर समता पार्टी की नींव रखी। बाद में जनता दल युनाइटेड में उनकी पार्टी का विलय हो गया। 2009 के आम चुनाव में फर्नांडिस ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मुजफ्फरपुर से नामांकन किया था। स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। वहीं, कभी वाजपेयी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के कन्वीनर रहे जॉर्ज को पार्टी से बाहर कर दिया गया। यह ऐलान भी नीतीश कुमार ने ही किया था। जया जेटली के मुताबिक, नीतीश ने न केवल टिकट देने से इनकार किया बल्कि जॉर्ज से मिलने से भी इनकार कर दिया। नवंबर 2017 को दिए इंटरव्यू में जया जेटली ने बताया था कि बीमार जॉर्ज को देखने कभी कभार आडवाणी और शरद पवार चले जाते थे, लेकिन उन्हें दुख है कि नीतीश कभी उन्हें देखने नहीं गए।