महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री पर 2014 में चुनावी हलफनामे में आपराधिक केस से जुड़ी जानकारी छुपाने के मामले में नागपुर कोर्ट में केस चलाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने इस मामले में फडणवीस की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दी है।
अदालत ने इस मामले में 18 फरवरी को सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था। मालूम हो कि देवेंद्र फडणवीस ने सुप्रीम कोर्ट में 1 अक्टूबर 2019 के उस आदेश पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था जिसमें 2014 के चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाने को लेकर नागपुर अदालत में फिर से मुकदमा चलाने का आदेश दिया गया था।
इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने फडणवीस को इस मामले में क्लीन चिट दे दी थी। कोर्ट का कहना था कि फडणवीस पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (आरपीए) के तहत कथित अपराध के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है। मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व सीएम की तरफ से यह दलील दी गई थी कि मुख्यमंत्री और राजनीति से जुड़े लोगों के खिलाफ 100 मुकदमे रहते हैं। चुनावी हलफनामे में किसी मामले का जिक्र नहीं करने पर कार्रवाई नहीं हो सकती है।
दूसरी तरफ याचिकाकर्ता की दलील थी उन्होंने हलफनामे में जानकारी छुपाई है। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मालूम हो कि फडणवीस के खिलाफ ये दोनों मुकदमे 1996 और 1998 में दर्ज किए गए थे। ये मुकदमे नागपुर से संबंधित हैं, जिनमें एक मानहानि और दूसरा ठगी का है। हालांकि, दोनों मामलों में उनके खिलाफ आरोप तय नहीं हुए थे।
