बीजेपी शासित कर्नाटक में लगी आग की चिंगारी गुजरात तक जा पहुंची है। वहां सीएम विजय रूपाणी और उनके डिप्टी सीएम के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा। ऐसे में बुजुर्ग दिग्गज वजुभाई वाला ने खुद के लिए दावा पेश कर दिया है। वो कर्नाटक के राज्यपाल रहे हैं।

वजुभाई ने कहा कि रूपाणी चाहें तो अगले 15 सालतक सीएम बने रह सकते हैं। लेकिन सीएम कौन बनेगा ये फैसला तो पार्टी को ही करना है। उन्होंने कहा कि गुजरात के प्रधान सीआर पाटिल को पता है कि वो कोई भी जिम्मेदारी निभाने के तैयार हैं। ध्यान रहे कि गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल और सीएम रूपाणी के बीच रस्साकसी चल रही है। इसमें वजुभाई ने अपना दावा ठोका है।

वजुभाई ने रिटायर होने से साफ इनकार करते हुए कहा कि वे भाजपा के हमेशा कार्यकर्ता रहेंगे। पार्टी की जो भी अपेक्षा होगी, उसे पूरा करने का भी प्रयास करेंगे। पूर्व राज्यपाल वजुभाई हाल ही में अपना सेवाकाल पूरा कर गुजरात लौटे हैं। वजुभाई का गुजरात की राजनीति में बड़ा वजूद है। सौराष्ट्र में उनके कद के नेता गिने-चुने ही होंगे।

सीएम विजय रूपाणी के बाद सौराष्ट्र में वजुभाई को दूसरा सबसे बड़ा नेता माना जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत केशुभाई पटेल सौराष्ट्र से आते हैं। उनके निधन के बाद सौराष्ट्र में उनकी बराबरी का कोई दूसरा पाटीदार नेता खड़ा नहीं हो सका है। वजुभाई की गुजरात वापसी से उनके फिर से राजनीति में सक्रिय होने की अटकलें शुरू हो गई हैं।

नड्डा ने की तारीफ पर कर्नाटक को लेकर अटकलें तेज
उधर, बीजेपी चीफ जेपी नड्डा ने कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा की तारीफ की है लेकिन केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी व एक अन्य नेता को हाईकमान की तरफ से तलब किए जाने के बाद अटकलों का बाजार फिर से गर्म हो गया।

सूत्रों के मुताबिक, येदियुरप्पा के उत्तराधिकारी का नाम करीब-करीब तय हो गया है। हालांकि, अभी तक नाम का खुलासा नहीं किया गया है। नए मुख्यमंत्री के नाम पर आज शाम या कल तक फैसला हो जाएगा। राज्य में नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इस पर कयासबाजी का दौर जारी है। राजनीतिक हलकों में कई लोगों के नाम की चर्चा है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का नाम इसमें आगे है।