राहुल के बयान के बाद वरिष्ठ बीजेपी नेता और केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि, “बयान आया कि वो “जनेऊधारी ब्राह्मण” हैं, पर मुझे नहीं मालूम था कि “जनेऊधारी ब्राह्मण” के ज्ञान में इतनी वृद्धि हो गई कि हिंदू होने का मतलब अब हमें उनसे समझना पड़ेगा। भगवान न करे कि वो दिन कभी आए कि राहुल गांधी से हमें हिंदू होने का मतलब जानना पड़े।” सुषमा स्वराज ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें और उनकी पार्टी में आत्मविश्वास की कमी है। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री हिंदू का मतलब नहीं जानते हैं। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वह और कांग्रेस उनके धर्म और जाति को लेकर संशय में हैं। कई सालों से पार्टी उन्हें धर्म निरपेक्ष बताती आई है लेकिन चुनावों के चलते उन्हें याद आया कि हिंदू बहुमत में हैं।’ उन्होंने कांग्रेस से उनके कामों का हिसाब देने की मांग करते हुए दावा किया कि कांग्रेस पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव हारने वाली है। सुषमा स्वराज ने आगे कहा कि कांग्रेस को लगा कि केवल हिंदू कहने से नहीं होगा तो आस्थावान हिंदू बनाने की कोशिश हुई। इससे भी काम नहीं चला तो नाना की जाति ब्राह्मण बताई जाने लगी।
आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार सुबह उदयपुर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए हिंदू धर्म पर भी बात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि हिंदू धर्म का सार क्या है? गीता में क्या है? ज्ञान हर किसी के पास है और आपके चारों ओर है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा, ‘प्रत्येक के पास ज्ञान है। हमारे पीएम कहते हैं कि हम हिंदू हैं लेकिन वे हिंदू धर्म की नींव को नहीं समझते हैं। उन्होंने सवाल पूछा कि वह किस तरह के हिंदू हैं?’
वहीं बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने भी राहुल गांधी पर जुबानी वार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की समस्या ये हैं कि वो कन्फ्यूज हैं। वो अपनी राजनीतिक हित साधने के लिए हिंदू होने का प्रदर्शन करते हैं। वो मन से हिंदू नहीं राजनीतिक विचार से हिंदू हैं। राजनीतिक हिसाब से उनका धर्म बदलता रहता है।

