केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि केरल में कोरोना वायरस के एक मामले की पुष्टि होने की सूचना है। प्रभावित चीन के वुहान विश्वविद्यालय का छात्र है। वहीं, त्रिपुरा के एक 23 वर्षीय युवक की मलेशिया में कोरोना वायरस की वजह से मौत होने की खबर है। दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्रालय ने चीन यात्रा से लौटे लोगों के लिए परामर्श भी जारी किया है।

मंत्रालय ने बताया कि केरल के छात्र की जांच के परिणाम पॉजिटिव पाए जाने के बाद उसे अस्पताल में अलग वार्ड में रखा गया है। प्रभावित की हालत स्थिर है और उसके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। त्रिपुरा के एक परिवार ने बताया है कि परिवार के 23 वर्षीय एक सदस्य की मलेशिया में कोरोना वायरस की वजह से मौत हो गई है। युवक 2018 में एक रेस्तरां में काम करने के लिए वहां गया था। परिवार ने बताया है कि उन्हें इसकी सूचना मलेशिया के अधिकारियों से बुधवार को मिली थी।

दूसरी ओर, मंत्रालय ने चीन से हाल ही में लौटे लोगों से कहा है कि वे 14 दिन तक अपने घरों में अलग रहें। वे अलग सोएं और परिवारजनों से कम से कम मिलें। खांसने और छींकने के दौरान अपने मुंह और नाक को ढक कर रखें। सर्दी या फ्लू से पीड़ित लोगों से दूरी बनाकर रखें। मंत्रालय ने परिवारजनों को भी कुछ सावधानी बरतने के लिए कहा है। इसमें खांसने व छींकने, खाना बनाने से पहले व बाद में, खाने से पहले, शौचालय उपयोग के बाद, मरीज की देखभाल के समय और जानवरों के साथ के बाद अच्छी तरह से हाथ साफ करने के लिए कहा गया है।

मंत्रालय ने कहा है कि चीन से वापस आने के 28 दिनों तक यदि व्यक्ति को बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत होती है तो तुरंत स्वास्थ्य मंत्रालय की हेल्पलाइन 011-23978046 पर संपर्क करें। मास्क पहनें और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचें। समीक्षा के लिए महाराष्ट्र जाएगी केंद्रीय टीम : महाराष्ट्र में कम से कम 10 व्यक्तियों को तीन अस्पतालों में अलग-थलग वार्ड में रखे जाने के बीच रोग के रोकथाम और प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की एक टीम जल्द राज्य की यात्रा करेगी।

हालांकि महाराष्ट्र में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। राज्य में 27 लोगों को निगरानी में रखा गया है और एहतियात के तौर पर इनमें से 10 लोगों को अलग-थलग वार्ड में रखा गया है। इनमें से छह लोग मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल, तीन पुणे के नायडू अस्पताल और एक अन्य व्यक्ति नांदेड के अस्पताल में भर्ती है। केंद्रीय टीम की यात्रा का मकसद रोग की रोकथाम एवं इससे निपटने की तैयारियों की समीक्षा करना है। टीम कुछ अहम जानकारी भी देगी।