National Crime Records Bureau (NCRB) ने देश में 2,000 रुपए के जाली नोट के कारोबार से जुड़ी एक गंभीर रिपोर्ट पेश किया है। इस रिपोर्ट में यह बताया गया है कि नवंबर 2016 में नोटबंदी से लेकर दिसंबर 2018 तक किस राज्य से 2,000 रुपए के कितने जाली नोट बरामद किये गये? गंभीर बात यह है कि इस लिस्ट में गुजरात टॉप पर है। यह भी बताया गया है कि इस लिस्ट में टॉप 10 में चार बीजेपी शासित राज्य हैं। तो झारखंड, मेघालय और सिक्किम जैसे कुछ ऐसे राज्य भी हैं जहां इस दौरान एक भी जाली नोट बरामद नहीं हुआ।
– रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात में 69,360,000 रुपए के 2,000 के जाली नोट बरामद किये गये।
– उत्तर प्रदेश में 26,888,000 रुपए के जाली नोट बरामद हुए।
– महाराष्ट्र में 7,400,000 रुपए के जाली नोट बरामद किये गये।
– असम में 2,000 के बरामद कुल जाली नोट 9,314,000 रुपए के बराबर थे।
– तमिलनाडु में 28,858,000 रुपए के 2,000 के जाली नोट बरामद हुए हैं।
– पश्चिम बंगाल में 35,074,000 रुपए के नकली नोट मिले।
– मिजोरम में 17,774,000 रुपए के कुल जाली नोट बरामद हुए।
– राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19,684,000 रुपए के जाली नोट जब्त किये गये हैं।
– केरल में 8,804,000 रुपए के बराबर 2,000 रुपए के जाली नोट मिले हैं।
– कर्नाटक में 17,774,000 रुपए के जाली नोट बरामद किये गये। सभी नोट 2,000 रुपए के थे।
नोटबंदी का असली मकसद भ्रष्टाचार और कालेधन पर लगाम लगाना था। हालांकि नोटबंदी के बाद से अब तक जाली नोट की खेप बरामद होने की कई खबरें भी सामने आ चुकी हैं। बाजार में 2,000 के अलावा 500 रुपए के नए फर्जी नोट भी पहुंचाए गए हैं। पुलिस ने अब तक इस मामले में कई लोगों को पकड़ा भी है और फर्जी नोटों के रैकेट का कई बार भंडाफोड़ भी किया गया है।
आपको याद दिला दें कि नोटबंदी की घोषणा के करीब 53 दिन बाद ही दो हजार के 2,272 नकली नोट पकड़े थे। इनमें 1300 नोट गुजरात से और 548 नोट पंजाब से पकड़े गए थे। इसके अलावा कर्नाटक, हैदराबाद, मेरठ, बेंगलुरु और राजकोट से भी नकली नोटों के मामले सामने आए थे।

