कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने 1 मई से नए नियमों का ऐलान किया है। इसके तहत अब 18 पार के सभी व्यस्क लोगों को टीका लगेगा। निजी क्षेत्र को भी टीकाकरण करने की छूट दी गई है। हालांकि, उन्हें पहले से टीके की कीमत का ऐलान करना होगा। सरकार की घोषणा के मुताबिक 1 मई से यह फैसला अमल में आएगा।

सरकार की नई घोषणा के अनुसार वैक्सीन निर्माता सेंट्रल ड्रग लैबोरेट्री CDL की 50 फीसदी डोज केंद्र को देंगे जबकि बाकी की 50 फीसदी डोज वो राज्य सरकारों को देने के साथ बाजार में बेचने के लिए स्वतंत्र होंगे। वैक्सीन के दाम को लेकर उन्हें 1 मई से पहले पारदर्शी तरीके से ऐलान करना होगा। वैक्सीन लगाने के काम में लगो निजी क्षेत्र को भी पहले से दाम तय करने होंगे। 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए वो स्वतंत्र होंगे।

केंद्र के नेशनल वैक्सीन प्रोग्राम के तहत सभी केंद्रों पर हेल्थ केयर वर्कर्स, फ्रंट लाइन वर्कर्स के साथ 45 पार के सभी लोगों को पहले के निय़मों के तहत वैक्सीन मिलती रहेगी। वैक्सीन लगाने का सारा काम नेशनल वैक्सीन प्रोग्राम के तहत किया जाएगा। सभी को इससे जुड़े प्रोटोकॉल फालो करने होंगे। इससे जुड़े सभी आंकड़े समय-समय पर रिपोर्ट करने होंगे। केंद्र अपने कोटे की वैक्सीन उन राज्यों को प्राथमिकता के आधार पर देगा जहां संक्रमण तेजी से फैल रहा है। वैक्सीन की बर्बादी पर संबंधित राज्य के खिलाफ नकारात्मक कमेंट दर्ज होंगे।

हेल्थ केयर वर्कर्स, फ्रंट लाइन वर्कर्स के साथ 45 पार के सभी लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी। दूसरे देशों से जो वैक्सीन की सप्लाई भारत आएगी, उसके लिए अलग रणनीति बनाई जा रही है। इस वैक्सीन का इस्तेमाल भारत सरकार के दूसरे चैनलों में किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि वैक्सीन निर्माताओं को जरूरी मदद दी जाएगीा जिससे वो अपना काम तेजी से कर सकें। राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैक्सीन बना रहे दूसरे लोगों से भी सरकार संपर्क साध रही है, जिससे ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। राज्य सरकारों को यह सुविधा भी दी गई है कि वैक्सीन निर्माता से वह सीधे तौर पर खरीद कर सकें।

वैक्सीन प्रोग्राम तेजी से चलता रहे इसके लिए सरकार अपनी तरफ से पुरजोर कोशिश कर रही है। उन सभी दवा निर्माता कंपनियों से सरकार की टीमें संपर्क साध रही हैं जो वैक्सीन बनाने का काम कर रहे हैं। जहां एक ओर देश में कोरोना वैक्सीन के उत्पादन को बढ़ाया जाएगा वहीं साथ ही विदेशी कंपनियों से टीकाकरण अभियान में मदद भी ली जाएगी।

देश में तेजी से बढ़ते कोविड-19 संक्रमण के मामलों के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को देश के अग्रणी चिकित्सकों के साथ एक बैठक की और महामारी की मौजूदा स्थिति के साथ ही टीकाकरण अभियान की समीक्षा की। मोदी ने कहा कि पिछले साल इसी समय चिकित्सकों के कठिन परिश्रम और देश की रणनीति की वजह से कोरोना संक्रमण के लहर को नियंत्रित किया जा सका था।

पीएम ने कहा कि पिछले दिनों केंद्र सरकार ने आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति, इंजेक्शन और ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं और इनके बारे में राज्य सरकारों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।