इथियोपिया के हैली गब्बिन ज्वालामुखी (Hayli Gubbi Volcano) के विस्फोट के बाद उठी सल्फर डाइऑक्साइड युक्त राख 14 किलोमीटर ऊपर वायुमंडल में फैल गयी है। भारत के दिल्ली, राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी इसका असर दिखने लगा है। राजधानी दिल्ली में कई इलाकों में जहरीला स्मॉग छा गया है और AQI 400 के पार पहुंच गया है। हालांकि, वैज्ञानिकों के अनुसार, सतह पर हवा की गुणवत्ता पर ज्यादा असर नहीं होगा लेकिन ऊंचाई पर उड़ानों पर इसका खतरा बना रहेगा।

रविवार को फटे हैली गब्बिन ज्वालामुखी के चलते मंगलवार सुबह 8 बजे दिल्ली में AQI 435 तक पहुँच गया। दिल्लीवासी पहले से ही उच्च वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे थे और इथियोपिया से ज्वालामुखी की राख के गुबार के आने की खबर ने चिंता और बढ़ा दी। हालाँकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि चिंता की कोई बात नहीं है।

क्या ज्वालामुखी की राख से बिगड़ा दिल्ली का AQI?

भारतीय मौसम विभाग के मौसम विज्ञान महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने कहा, “ज्वालामुखी विस्फोट से निकली राख धीरे-धीरे इथियोपिया से यमन और ओमान की ओर बढ़ी और फिर अरब सागर की ओर बढ़ी। कल [सोमवार] शाम तक, यह गुजरात-राजस्थान क्षेत्र तक पहुँच गई। धीरे-धीरे, आधी रात तक, यह दिल्ली और उत्तर भारत की ओर बढ़ गई और अब पूर्वी भारत की ओर बढ़ रही है।” उन्होंने कहा कि ज्वालामुखी की राख का गुबार वायुमंडल के ऊपरी क्षोभमंडल तक ही सीमित रहेगा और इसका सतह पर मौसम या वायु गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि मंगलवार दोपहर ज्वालामुखी की राख का गुबार 100-150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पूर्वी भारत की ओर बढ़ रहा था। उन्होंने आगे कहा, “हमारा अनुमान है कि शाम 7:30 से 8 बजे तक ज्वालामुखी की राख का गुबार पूरे भारतीय क्षेत्र से निकलकर चीन की ओर बढ़ जाएगा।” महापात्रा ने कहा कि ज्वालामुखी से निकलने वाली राख का सतही स्तर पर मौसम और वायु गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इथियोपिया की ज्वालामुखीय राख के कारण भारत में उड़ानें क्यों बाधित हुईं?

डॉ महापात्र ने बताया कि राख का बादल वायुमंडल के ऊपरी क्षोभमंडल तक ही सीमित है। ऊपरी क्षोभमंडल वायुमंडल की सबसे निचली परत है। यह अंतरिक्ष में 8 किलोमीटर से लेकर लगभग 15 किलोमीटर (लगभग 50,000 फीट) तक फैला हुआ है। कमर्शियल यात्री विमान आमतौर पर 25,000 फीट से 42,000 फीट की ऊँचाई पर उड़ान भरते हैं। इस प्रकार, भारत में कई उड़ानों में व्यवधान उत्पन्न हुआ। डीजीसीए ने एक एडवाइजरी में एयरलाइनों से कहा है कि वे भारत आने-जाने वाली अपनी उड़ानों के दौरान किसी भी तरह के राख के गुबार के बारे में उसे सूचित करें।

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