प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत 1,452 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की हैं। ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए रिलायंस ग्रुप ने कहा कि ये संपत्तियां रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) की हैं। रिलायंस कम्युनिकेशंस 2019 से रिलायंस ग्रुप का हिस्सा नहीं है।
ईडी के बयान में कहा गया है कि एजेंसी ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत एक आदेश जारी किया, जिसके तहत मुंबई के धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी (डीएकेसी) और मिलेनियम बिजनेस पार्क, नवी मुंबई में स्थित कई इमारतों के साथ-साथ पुणे, चेन्नई और भुवनेश्वर में स्थित प्लॉट और बिल्डिंग को कुर्क किया गया।
एजेंसी ने बताया कि ये संपत्तियां 1,452.51 करोड़ रुपये मूल्य की हैं और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) तथा कुछ अन्य कंपनियों की हैं।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो अनिल अंबानी की RCOM बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच
रिलायंस ग्रुप ने जारी किया बयान
रिलायंस ग्रुप ने एक बयान में कहा कि आरकॉम पिछले छह सालों से दिवालियेपन की प्रक्रिया से गुजर रही है। बयान में कहा गया है, ‘‘अनिल अंबानी किसी भी तरह से रिलायंस कम्युनिकेशंस से नहीं जुड़े हैं और उन्होंने 2019 में ही इस्तीफा दे दिया था।’’
8,997 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क
एजेंसी ने बैंक ऋण धोखाधड़ी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित मामले में इससे पहले 7,500 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की थीं।
इस कुर्की के साथ ही, रिलायंस ग्रुप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में अब तक कुल 8,997 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। ईडी का आरोप है कि आरकॉम और उसकी समूह की कंपनियों ने 2010 से 2012 के बीच घरेलू और विदेशी कर्जदाताओं से ऋण लिया, जिनमें कुल 40,185 करोड़ का कर्ज बकाया है।
