Delhi Violence में मृतकों की संख्या बढ़कर 53 हो गई। यह आंकड़ा राजधानी के कई अस्पतालों में दम तोड़ने वाले हिंसा पीड़ितों का है। इनमें 44 की मौत GTB Hospital, पांच की RML Hospital, तीन की LNJP Hospital और एक की Jag Pravesh Chandra Hospital में हुई।
इसी बीच, दिल्ली पुलिस ने यमुनापार में हुई हिंसा को लेकर दर्ज केस और धरे गए लोगों से जुड़ी ताजा जानकारी दी। न्यूज एजेंसी ने पुलिस के हवाले से बताया कि फिलहाल 654 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 1820 लोगों को गिरफ्तार या फिर हिरासत में लिया गया है।
उधर, ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्लाह अली खामनेई दिल्ली में चंद रोज पहले हुई हिंसा की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि भारत सरकार को कट्टरपंथी हिंदुओं का सामना करना चाहिए।
खामनेई ने ट्वीट किया, ‘‘भारत में मुसलमानों के नरसंहार से दुनियाभर में मुसलमान दुखी हैं। भारत सरकार को कट्टरपंथी हिंदुओं और उनकी पार्टियों को रोकना चाहिए तथा इस्लामी जगत से भारत को अलग-थलग पड़ने से बचाने के लिए मुसलमानों के नरसंहार को रोकना चाहिए।’’
ईरान की सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसले लेने वाले खामेनेई ने अंग्रेजी, उर्दू, फारसी और अरबी में ट्वीट किया। साथ में, एक बच्चे की तस्वीर भी पोस्ट की है जो दिल्ली में हुई हालिया हिंसा में मारे गए एक व्यक्ति के शव को देख कर रो रहा था।

वहीं, दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल ने हिंसा में क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाने का ऐलान किया है। सरकारी वक्तव्य के अनुसार, मुआवजे के वास्ते किसी बहुमंजिला इमारत के प्रत्येक तल को एक आवासीय इकाई माना जाएगा। आवासीय इकाइयों में घरेलू सामानों की पूरी लूट होने पर एक लाख रुपए और आंशिक लूट होने पर पचास हजार रुपए मुआवजा दिया जाएगा।

इससे पहले, सरकार ने मकान के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की थी, जिसमें चार लाख मकान मालिक को और किराएदार को एक लाख रुपए का मुआवजा मिलता।
उधर, माकपा नेता वृंदा करात ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर हिंसा केस में गिरफ्तार लोगों की सूची सार्वजनिक करने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश देने की मांग की। पीआईएल में मांग की गई कि गिरफ्तार लोगों की सूची पुलिस नियंत्रण कक्ष और जिले के थानों के बाहर लगाई जाए और इसे मामला दर मामला आधार पर अपडेट किया जाए।

