दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार में महिला एवं बाल विकास, सामाजिक कल्याण तथा एससी-एसटी मामलों के पूर्व मंत्री संदीप कुमार के खिलाफ एक महिला ने रेप का आरोप लगाया था। रेप केस के आरोपी सुल्तानपुर माजरा से आप विधायक संदीप कुमार के खिलाफ चार्जशीट के लिए केजरीवाल सरकार के पास फाइल बीते एक साल से पेंडिंग पड़ी है। कहा जा रहा है कि एक साल से सरकार ने चार्जशीट के लिए मंजूरी नहीं दी है। अब दिल्ली पुलिस ने संदीप कुमार के खिलाफ चार्जशीट की मंजूरी के लिए दिल्ली सरकार को एक रिमाइंडर भेजा है। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि मंजूरी की फाइल दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के पास है। दरअसल, दिल्ली में अगर किसी आरोपी के खिलाफ पुलिस को चार्जशीट दाखिल करनी होती है तो इसके लिए दिल्ली सरकार से अनुमति लेनी होती है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने कहा है कि दिल्ली पुलिस राजनीति कर रही है। उसके पास मंजूरी के लिए कोई पत्र नहीं है।
गौरतबल है कि संदीप कुमार के खिलाफ राशन कार्ड बनाने के नाम पर एक महिला से रेप करने का आरोप है। मामला दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने में दर्ज है। इस मामले में पुलिस ने संदीप कुमार को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। हालांकि, कुछ दिनों बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। इस घटना के बाद अपनी किरकिरी होते देख केजरीवाल सरकार ने संदीप को मंत्री पद से हटा दिया था और पार्टी से निकाल दिया था।
संदीप कुमार ने जिस घटना को लेकर गिरफ्तार हुए थे, उसका वीडियो भी वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में दिख रही महिला ने बताया था कि वह एक साल पहले संदीप कुमार के पास राशन कार्ड बनवाने गई थी। महिला ने आरोप लगाया कि संदीप ने उसे कोल्ड ड्रिंक पीने को दिया और फिर पास बैठने को कहा। उसने कहा कि राशन कार्ड बना दूंगा। आओ, मेरे पास बैठो। इसके बाद क्या हुआ, उसे कुछ नहीं पता। महिला ने आरोप लगाया कि संदीप ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्श मिला, उसके साथ गलत काम किया। मेरे साथ जबरदस्ती की।
बता दें कि आगामी चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में महिलाओं के लिए मेट्रो और बस सफर मुफ्त करने की घोषणा की है लेकिन रेप के आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर करने की मंजूरी में देरी करने को लेकर लोग उनपर निशाना साध रहे हैं। लोगों ने कहा कि ये कैसा दोहरा रवैया है, एक तरफ महिलाओं की सुरक्षा की बात करते हैं तो दूसरी ओर रेप के आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर करने के लिए मंजूरी नहीं दे रहे हैं।

