Farmers Protest: किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को लेकर बॉर्डर पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा के लिए मल्टी लेयर सिक्योरिटी को तैनात किया गया है। इन सबके बीच किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए पुलिस ने 30 हजार आंसू गैस (Tear Gas) के गोले मंगाए हैं। साथ ही किसान आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस की छुट्टियों को कैंसिल कर दिया गया है।

दिल्ली पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि वो किसानों को राष्ट्रीय राजधानी की सीमा में घुसने से रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की तैयारी पहले से ही पूरी कर ली है। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में घेराबंदी के अलावा बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। फिर भी एहतियातन के तौर पर मध्य प्रदेश में ग्वालियर के टेकनपुर स्थित बीएसएफ की टियर स्मोक यूनिट (TSU) से 30 हजार आंसू गैस गोलों की नई खेप मंगाई गई है।

आंसू गैस का गोला ही क्यों?

आंसू गैस का गोला दंगा-रोधी सामग्री है, जिसका सुरक्षा बल भीड़ को तितर-बितर करने में उपयोग करते हैं। गैस से आंखों में जलन होती है और आंसू आते हैं। पुलिस भीड़ को हटाने के लिए इसका इस्तेमाल करती है।

सितंबर, 2023 में मंगाई गई थी खेप

एक अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष सितंबर में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन से पहले भी आंसू गैस के गोलों की खेप मंगाई गई थी। अब किसानों के आंदोलन के मद्देनजर इनकी नई खेप मंगाई गई है। माना जाता है कि किसानों के विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए आंसू गैस गोलों की नई खेप बाहरी, बाहरी-उत्तरी और पूर्वी जिला पुलिस को दी जा सकती है।

तीन साल तक ठीक रहता आंसू गैस का गोला

एक्सपर्ट की मानें तो आंसू गैस का गोला तीन साल तक ठीक रहता है। इसके बाद उसका असर धीरे-धीरे कम होने लगता है, लेकिन अभ्यास उद्देश्यों के लिए सुरक्षा बल सात साल पुराने गोलों का भी इस्तेमाल करते हैं। वहीं किसानों के भारत बंद और विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने जवानों को छुट्टियां नहीं लेने का आदेश दिया है। साथ ही उपद्रवियों से थाना स्तर पर भी पूरी राजधानी में एक्टिव रहने के निर्देश दिए हैं।