दिल्ली में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। राजधानी में 5 फरवरी को मतदान होगा वहीं वोटों की गिनती 8 फरवरी 2025 को की जाएगी। कांग्रेस ने दिल्ली की सभी 70 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। ऐसे ही कांग्रेस ने नई दिल्ली सीट से पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित को उतारा है। चुनाव में कुछ ही समय बचा देख संदीप ने अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है।

दिल्ली में स्ट्रीट शॉपिंग के लिए मशहूर सरोजिनी नगर की चहल-पहल भरी गलियों में कांग्रेस के नई दिल्ली से उम्मीदवार संदीप दीक्षित ने बुधवार शाम को ढोल, पार्टी के झंडों से सजे ई-रिक्शा और समर्पित समर्थकों के एक छोटे समूह के साथ नाटकीय अंदाज में प्रवेश किया। फल, खिलौने, बेल्ट और परफ्यूम बेचने वाले विक्रेताओं से भरा यह लोकप्रिय बाजार दीक्षित के प्रचार के लिए मंच बन गया।

संदीप एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं और पूर्वी दिल्ली से दो बार सांसद रह चुके हैं , फिर भी कई विक्रेता और खरीदार पहले तो दीक्षित को पहचान नहीं पाए। उन्होंने आखिरी चुनाव एक दशक से अधिक पहले लड़ा था और वह उस निर्वाचन क्षेत्र में तीसरे स्थान पर रहे थे जिसका उन्होंने संसद में 10 सालों तक प्रतिनिधित्व किया था। एक रेहड़ी-पटरी वाले ने पूछा, “ये केजरीवाल वाले हैं क्या?” एक अन्य ने जवाब दिया, “नहीं, ये कांग्रेस वाले हैं।” एक तीसरे विक्रेता ने कहा, “अरे! ये तो शीला दीक्षित के बेटे हैं।”

सरोजिनी मार्केट से लेकर किदवई नगर तक संदीप ने किया चुनाव प्रचार

जब वह भीड़ के बीच से निकल रहे थे, तो कुछ दुकानदारों ने उन्हें माला पहनाई। कपड़ों की दुकान के मालिक विवेक शर्मा ने बाजार की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “यहां जो भी विकास हुआ, वह शीला दीक्षित के समय हुआ। तब से सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली है।” सरोजिनी नगर मार्केट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष महेश कुमार पवनी ने कहा, “मैं निश्चित रूप से कांग्रेस का समर्थन करूंगा क्योंकि उन्होंने शीला जी के कार्यकाल के दौरान बहुत काम किया था।”

 दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम? यहां जानिए अपने राज्य का अपडेट

मार्केट के दौरे के बाद दीक्षित ने अपना रुख बदला और पूर्वी किदवई नगर में चुपचाप घर-घर जाकर प्रचार अभियान चलाया। दरवाजे की घंटियां बजाने के बाद दीक्षित ने अपना परिचय दिया, “मैं संदीप दीक्षित हूं। अगर मैं परेशान कर रहा हूं तो क्षमा करें, लेकिन मैं आपसे और आपके परिवार से वोट की अपील करने आया हूं।” उन्होंने अपने बारे में जानकारी देते हुए कहा।

किदवई नगर में संदीप दीक्षित को लोगों ने पहचान लिया। एक सरकारी अधिकारी की पत्नी ने कहा, “मैं आपको जानती हूं। मैंने आपको आज के अख़बार में देखा था।” एक आईएफएस अधिकारी ने कहा, “मैं आपकी मां का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं।” संदीप के साथ ऐसे लोग भी थे जिन्होंने उनके चरित्र और अनुभव की प्रशंसा की। मधु शरण, जो आठ साल से उनके पड़ोसी हैं और सरोजिनी नगर में उनके साथ थे, उन्होंने बताया, “वह लोगों से बहुत जुड़े हुए हैं और जीतने के हकदार हैं।” पढ़ें- Delhi Elections 2025 LIVE

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2013 परिणाम

दिल्ली में साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में संदीप दीक्षित की मां को आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने मात दी थी। कांग्रेस ने जहां शीला दीक्षित को, आप ने अरविंद केजरीवाल को और बीजेपी ने डॉ हर्षवर्धन को मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में भाजपा ने 32, कांग्रेस ने 8 और AAP ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की थी। नई दिल्ली सीट पर केजरीवाल और शीला दीक्षित के बीच सीधा मुक़ाबला था, जहां पहली बार चुनाव लड़ने उतरे आप सुपीमो ने 15 साल से सीएम रहीं शीला दीक्षित को 25 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था।