दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल एलजी आवास पर नौ दिनों तक धरना देने की वजह से बीमार पड़ गए हैं। उनका शुगर लेवेल बढ़ गया है। इस कारण उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ होनेवाली आज (बुधवार, 20 जून) की सभी मीटिंग रद्द कर दी है। बता दें कि केजरावील पिछले 11 जून से उप राज्यपाल के आवास के गेस्टरूम में धरना दे रहे थे। इस वजह से उनके खान-पान में अनियमितता आई। इसके अलावा वो शारीरिक श्रम नहीं कर सके। डायबिटीज से पीड़ित 49 साल के केजरीवाल को डॉक्टरों ने हर दिन सुबह शाम एक-एक घंटे पैदल चलने की सलाह दी है। इसके साथ ही समय पर संतुलित आहार लेने की भी सलाह दी है। धरने की वजह से केजरीवाल के खानपान का रूटीन बिगड़ गया और पैदल चलना मुश्किल हो गया था। इससे उनका शुहर लेवल बढ़ गया है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक केजरीवाल गुरुवार (21 जून) को बेंगलुरु के लिए रवाना होंगे, जहां उनका इलाज किया जाएगा। केजरीवाल का इलाज बेंगलुरु से ही चल रहा है। दिल्ली सरकार और आईएएस अधिकारियों के बीच गतिरोध खत्म होने के बाद बुधवार को प्रमुख विभागीय सचिवों के साथ मीटिंग होनी थी लेकिन तबीयत खराब होने की वजह से मीटिंग रद्द कर दी गई। मंगलवार को आईएएस एसोसिएशन और सरकार के बीच वार्ता होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने धरना खत्म कर दिया था। आईएएस अधिकारियों ने सरकार के साथ वार्ता के लिए चिट्ठी लिखी थी। एलजी ने भी सीएम केजरीवाल को लिखा था कि सचिवालय जाकर अधिकारियों से बात करें।
अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रिमंडल के तीन सहयोगी 11 जून को आईएएस अधिकारियों की कथित हड़ताल को खत्म कराने की मांग पर एलजी अनिल बैजल के आवास पर धरने पर बैठ गए थे। तब से वो लगातार नौवें दिन वहीं धरने पर बैठे हैं। इनमें से दो मंत्री भूख हड़ताल पर थे। स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में मनीष सिसोदिया को भी एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को आप नेताओं के धरने पर कड़ी टिप्पणी की थी और पूछा था कि एलजी के आवास पर धरने पर बैठने की इजाजत किसने दी?

