भारत के मौजूदा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह केंद्र की मोदी सरकार में अपनी अलग छवि के लिए पहचाने जाते हैं। 1999 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के अलग-अलग कार्यकालों में उन्होंने कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी निभाई थी। इसके बाद पीएम मोदी ने भी उन्हें अपने कैबिनेट में अहम पद पर ही रखा। यानी उन्होंने दोनों ही पीएम की कार्यशैली को काफी करीब से देखा है। हालांकि, हाल ही में जब एक टीवी शो के दौरान उनसे दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच फर्क पर सवाल किया गया, तो रक्षा मंत्री इसका जवाब देने से बचते दिखे।
दोनों PM के फर्क पर क्या बोले राजनाथ सिंह?: प्रभु चावला के चर्चित टीवी शो- सीधी बात में जब राजनाथ सिंह से दोनों प्रधानमंत्रियों की कार्यशैली के फर्क के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मोदी जी की बात करें, तो वे कार्यकर्ताओं में भी बहुत लोकप्रिय थे और जनता के बीच भी सबसे ज्यादा लोकप्रियता उन्हीं की थी। पार्टी के अंदर भी। पर कभी भी नेताओं की तुलना नहीं करनी चाहिए। हर किसी की काम करने की अपनी शैली होती है। इस बारे में चर्चा करने की कोई औचित्य नहीं है। हम तुलना नहीं करना चाहते। आज के हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी भी अटल जी को अपना आदर्श मानते हैं।
राजनाथ सिंह के पास दोनों सरकार का अनुभव: बता दें कि मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले राजनाथ सिंह भाजपा के अध्यक्ष रहे। 2014 में पीएम मोदी ने उन्हें अपने कैबिनेट में शामिल किया और 2019 तक के शासन में उन्होंने देश के गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। दूसरे कार्यकाल में राजनाथ को देश के रक्षा मंत्री जैसा अहम पद सौंपा गया है।
इससे पहले की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भी राजनाथ सिंह को कई अहम पद सौंपे गए। 1999 को उन्हें परिवहन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। 2002 में उन्हें उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया। हालांकि, 2003 में उनकी एक बार फिर अटल कैबिनेट में वापसी हुई और उन्हें कृषि और खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय सौंपा गया था।
