देशभर में कोरोनावायरस के केस तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच मरीजों के इलाज के लिए सरकार तैयारियां भी तेज कर रही है। रविवार को ही भारत में कोरोनावायरस की सबसे बड़ी फैसिलिटी शुरू की गई है। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह अस्पताल का मुआयना करने पहुंचे।
10 हजार बेड्स के इस हॉस्पिटल को दक्षिण दिल्ली के छतरपुर में स्थित राधा स्वामी सत्संग ब्यास में शुरू किया गया है और इसका नाम सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर एंड हॉस्पिटल दिया गया है।
बताया गया है कि इस अस्पताल में कोरोनावायरस के हल्के और मध्यम लक्षण वाले मरीजों को आइसोलेशन में रखा जाएगा। इसे दक्षिण दिल्ली जिला प्रशासन ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय की मदद से महज 10 दिन में ही तैयार कर दिया। यहां पर ड्यूटी के लिए आईटीबीपी के जवानों को लगाया गया है। रक्षा और गृह मंत्री के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी अस्पताल के निरीक्षण में शामिल रहे।
इस फैसिलिटी को अभी दीन दयाल उपाध्याय हॉस्पिटल और मदन मोहन हॉस्पिटल के साथ जोड़ा गया है। यहां अगर किसी मरीज की स्थिति बिगड़ती है, तो उन्हें लोक नारायण जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल और राजीव गांधी सुपर स्पेशेलिटी हॉस्पिटल रिफर किया जाएगा। इस फैसिलिटी में दिल्ली के सभी मरीज भर्ती किए जा सकेंगे।
क्या है इस कोरोना फैसिलिटी की खासियत?
सरदार वल्लभभाई पटेल कोविड केयर फैसिलिटी 1700 फीट लंबे और 700 फीट चौड़े इलाके में बनाई गई है। यानी यह जगह करीब 20 फुटबॉल के मैदानों के बराबर है। इसमें 18000 टन एयर कंडीशनर्स के जरिए कूलिंग की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। हालांकि, मरीजों के रिश्तेदारों को यहां आने की अनुमति नहीं होगी। पहले 2 हजार मरीजों की भर्ती तक आईटीबीपी के जवान सेवा के कामों में लगेगा। उनके साथ 170 डॉक्टर और 700 नर्स और पैरामेडिक्स कर्मचारी लगेंगे।
