बिहार की वैशाली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने ने बसपा सुप्रीमो मायावती और तीन अन्य पार्टी नेताओं पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। उन पर पिछले सप्ताह भड़काऊ भाषणों के जरिए समाज में नफरत फैलाने का आरोप लगा है। मायावती के अलावा, बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी, उत्तर प्रदेश प्रभारी राम अचल राजभर और राज्य सचिव मेवा लाल पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। मुख्य न्यायकि मजिस्ट्रेट जयराम प्रसाद ने हाजीपुर निवासी अजीत सिंह की शिकायत का संज्ञान लिया। उन्होंने निर्देशित किया कि चारों के चिालाफ हाजीपुर टाउन पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई जाए। Rediff की खबर के अनुसार, याचिकाकर्ता ने अपने वकील के जरिए दावा किया था कि उसे मायावती और पार्टी नेताओं के भड़काऊ भाषणों से तकलीफ पहुंची है। इन भाषणों से देश की एकता और संप्रभुता भी प्रभावित हुई है।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि 21 जुलाई को एक जनसभ में मायावती ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्काषित भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की मां, पत्नी और बेटी को निशाना बनाने के लिए भड़काया था। गौरतलब है कि दयाशंकर सिंह ने एक कार्यक्रम में मायावती पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने मायावती को ‘वेश्या से भी बदतर’ बताया था। जिसके बाद बसपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में प्रदर्शन कर सिंह के परिवार की महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा में नारे लगाए थे। खुद मायावती ने संसद में कहा था कि अगर सिंह के बयान के बाद कहीं हिंसा होती है तो वे जिम्मेदारी नहीं लेंगी।
बसपा कार्यकर्ताओं की अभद्र टिप्पणियों के खिलाफ दयाशंकर सिंह की पत्नी ने पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि क्या उनकी मासूम बेटी को निशाना बनाना सही है, उन्होंने मायावती ने के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात भी कही थी।
