खतरनाक कोरोना वायरस का खौफ अभी खत्म नहीं हुआ है। इस बीच ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन VUI-202012/01 मिला है। इसे बेहद संक्रामक बताया जा रहा है। कोरोना के नए संक्रामक स्ट्रेन ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। अभी कुछ ही दिनों पहले कोरोना वैक्सीन के आने की खुशखबरी ने लोगों को राहत दी थी लेकिन ब्रिटेन में कोरोना के नए स्ट्रेन की बात सामने आने के बाद सभी परेशान हैं। सवाल यह उठता है कि क्या कोरोना वैक्सीन इन नए स्ट्रेन को रोक पाने में सफल होगा?
इस बारे में यूके के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि अब तक इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं कि यह वैक्सीन नए स्ट्रेन के लिए कारगर साबित नहीं होगा। ब्रिटेन के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार Patrick Vallance का कहना है कि Covid-19 का वैक्सीन इम्यून सिस्टम को बेहतर करता है और यह काफी हद तक कोरोना के अलग-अलग रूपों से लड़ने में सक्षम साबित हो सकता है। विशेषज्ञों को अभी तक ऐसी भी वजह नहीं मिली है जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि कोरोना का यह नया स्ट्रेन वैक्सीनेशन को प्रभावित कर सकता है। इस संबंध में ब्रिटेन के New and Emerging Respiratory Virus Threats Advisory Group (NERVTAG) ने भी अपनी बात रखी है।
NERVTAG की तरफ से कहा गया है कि ‘हमने अभी तक spike protein में ऐसा कोई भी खतरनाक बदलाव नहीं देखा गया है जो वैक्सीन के प्रभाव को कम करे। Director of Wellcome Trust, Dr Jeremy Farrar ने नए स्ट्रेन को लेकर चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि ‘इस वक्त ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि नए स्ट्रेन से वैक्सीन पर कोई असर पड़ने वाला है। हालांकि अगर इसकी ताकत बढ़ती है तब भविष्य में इसपर सोचना पड़ सकता है।
कई अन्य जानकारों का मानना है कि वैक्सीन को वायरस के कई रूपों पर टेस्ट किया गया है। इसलिए यह कहा जा सकता है कि वैक्सीन इसपर काम करेगी, हालांकि यह जरुर है कि समय-समय पर टेस्टिंग की जरुरत पड़ेगी।

