कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 9987 नए मामले सामने आए हैं और 331 मौतें हुई हैं। देश में अब पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 266598 हो गई है, इसमें 129917 सक्रिय मामले, 129215 ठीक / डिस्चार्ज/माइग्रेट और 7466 मौतें शामिल हैं। अब देश के कई राज्यों में Community Transmission का डर सताने लगा है।

कोरोना की स्थिति पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन अथॉरिटी की बैठक अपने निर्धारित शेडयूल के अनुसार हुई. बैठक में कहा गया कि दिल्ली में कम्युनिटी स्प्रेड हो चुका है, लेकिन भारत सरकार ने कम्युनिटी स्प्रैड मानने से इनकार कर दिया। हर तरफ कोरोना के कम्युनिटी ट्रांसमिशन की चर्चा है। ऐसे में जानते हैं कि क्या होता है कम्युनिटी ट्रांसमिशन…

कम्युनिटी ट्रांसमिशन यानी सामुदायिक प्रसार महामारी का तीसरा स्टेज होता है। ऐसी स्थिति तब होती है जब एक बड़े इलाके में कई लोग एक साथ  वायरस से संक्रमित पाए जाते हैं। ऐसे इलाकों में स्थिति खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है। इन परिस्थितियों पर काबू पाना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे हालात में कोई ऐसा व्यक्ति भी वायरस से संक्रमित हो जाता है जो ना ही किसी वायरस प्रभावित देश से लौट हो ना ही किसी संक्रमित शख्स के संपर्क में आया हो। संक्रमण का पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है।

गौरतलब है कि लॉकडाउन लागू होने से पहले ICMR ने  सामुदायिक ट्रांसमिशन का पता लगाने के लिए  800 रैंडम सैंपल लिए गए थे। हालांकि इस दौरान सामुदायिक संक्रमण के नतीजे नेगेटिव निकले थे। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा था कि हम इस बात पर तब विचार कर सकते हैं जब 20 से 30 प्रतिशत मामले ऐसे सामने आएं जिनमें सामुदायिक संक्रमण के लक्षण हों फिलहाल ऐसा नहीं है। अगर भारत उस चरण में प्रवेश करता है, तो हम इसे छिपाएंगे नहीं। हम लोगों को बताएंगे ताकि हम सतर्कता और जागरूकता के स्तर को बढ़ा सकें।