कांग्रेस ने आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) से दूरी बनाए रखने के अपने रुख को दोहराया है। कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी कभी भी उन लोगों के साथ गठबंधन नहीं करेगी, जो कानून तोड़ते हैं या डराते-धमकाते हैं। कांग्रेस ने यह बात राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी की “भूमिपुत्र” ब्रांड की राजनीति की ओर इशारा करते हुए कही।
कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए मनसे के नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी आजाद है और यह महा विकास आघाडी (एमवीए) का हिस्सा नहीं है। एमवीए में शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और राकांपा (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं।
संदीप देशपांडे ने कहा, “हमारी पार्टी में राज ठाकरे फैसले लेते हैं। कोई क्या कहता है, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है।”
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बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का किया था ऐलान
कांग्रेस ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के चुनाव अकेले लड़ेगी। इसकी वजह उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे की मनसे के बीच बढ़ती नजदीकी है। अकेले चुनाव लड़ने की योजना के कारण शिवसेना (यूबीटी) ने कांग्रेस से कहा कि वह जल्दबाजी में कोई निर्णय न ले और विपक्षी एकता के महत्व पर जोर दे।
कांग्रेस की मुंबई इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, “कांग्रेस ने गठबंधन के संबंध में सभी निर्णय पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों से बातचीत के बाद लिया है।” उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ा था।
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कांग्रेस के भीतर से हो रहा विरोध
गायकवाड़ ने बिना नाम लिए मनसे का जिक्र करते हुए कहा, “आरपीआई (रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया) के कुछ गुट भी हमारे साथ जुड़ने के इच्छुक हैं लेकिन कांग्रेस उन लोगों के साथ गठबंधन नहीं करेगी, जो कानून को अपने हाथ में लेते हैं या धमकी देते हैं।” कांग्रेस का एक वर्ग राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे को अपने साथ लेने का कड़ा विरोध कर रहा है क्योंकि उसे डर है कि इससे उत्तर भारतीय और मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लग सकती है।
शरद पवार द्वारा कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और मनसे को एक साथ लाने की कोशिश करने संबंधी खबरों पर भी गायकवाड़ ने बयान दिया। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि उन्होंने दिल्ली में किससे बात की थी, लेकिन हमने किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन करने के बारे में कोई चर्चा नहीं की है। काल्पनिक सवालों का जवाब देने का कोई मतलब नहीं है।”
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