भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ (CJI Chandrachud) ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयुष समग्र कल्याण केंद्र (AYUSH) का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने एक बड़ी बात कह दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई अपनी एक बातचीत के बारे में बताते हुए चंद्रचूड़ ने कहा कि जब मैं कोविड से ग्रस्त था, तब उन्होंने मुझे वैद्य से दवा दिलाई थी।

चंद्रचूड़ ने कहा, “जब कोरोना आया और उसका मुझ पर भी बहुत बुरा असर हुआ था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेरे पास फोन आया और कहा कि मुझे पता है आप कोविड से जूझ रहे हैं और मैं उम्मीद करता हूं सब कुछ ठीक होगा। आपकी हालत ठीक नहीं है लेकिन हम सब कुछ करेंगे। एक हमारी जानकारी में वैद्य हैं, जो आयुष विभाग में सचिव है। मैं उनसे बात करता हूं और वह आपको दवाई भेज देंगे।”

चंद्रचूड़ ने कहा कि इसके बाद मैंने आयुष से दवाई ली और जब मुझे दूसरी और तीसरी बार भी कोरोना हुआ तब भी मैंने आयुष से ही दवाई ली। उन्होंने साफ कहा कि मैंने एलोपैथी दवाएं कोरोना के दौरान बिल्कुल भी नहीं ली थी। CJI ने इस दौरान केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनेवाल का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान मुझे कोर्ट के सभी जज और 2000 से अधिक स्टाफ के सदस्यों की चिंता थी, क्योंकि सबको हमारी तरह सुविधा नहीं मिलती हैं।

चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि मैं हमेशा योग करता हूं और शाकाहारी भोजन लेता हूं। उन्होंने कहा कि पिछले 5 महीने से मैंने पूरी तरह से शाकाहारी आहार लिया है और इसे आगे जारी रखूंगा।

Supreme Court, AIIA, Prof. Dr Tanuja Nesari, Director AIIA

कुछ दिन पहले ही डी वाई चंद्रचूड़ ने कानून की उच्च शिक्षा को लेकर बड़ी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि कानून की पढ़ाई को दूरदराज ग्रामीण इलाकों तक बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छोटे शहरों के छात्र वकील बनने के अवसर से वंचित न रहें। चंद्रचूड़ ने कहा कि टेक्नोलॉजी ने हमें दूर-दराज के छात्रों तक पहुंचने की क्षमता दी है।

इस मौके पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा और आयुष मंत्रालय के निदेशक सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की निदेशक प्रोफेसर तनुजा नेसारी भी उपस्थित थीं। सुप्रीम कोर्ट में आयुष कल्याण केंद्र आयुष मंत्रालय के तहत अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के सहयोग से यह भारत के सुप्रीम कोर्ट की एक पहल है। AllA ने LABSNA, सफदरजंग, IIT आदि जैसे कई स्थानों पर अपने केंद्रों का विस्तार किया है, उसी तरह न्यायपालिका, न्यायाधीशों और सर्वोच्च न्यायालय के अन्य कर्मचारियों के लिए एक और समग्र और एकीकृत कल्याण केंद्र खोला जा रहा है।