प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि सैन्य मामलों का विभाग सृजित करना और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद को संस्थागत स्वरूप प्रदान करना महत्त्वपूर्ण सुधार हैं। देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के तौर पर जनरल बिपिन रावत की नियुक्ति पर उन्हें बधाई देते हुए मोदी ने कहा कि वे उत्कृष्ट अधिकारी है जिन्होंने बड़े उत्साह के साथ भारत की सेवा की है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि आवश्यक सैन्य विशेषज्ञता के साथ सैन्य मामलों का विभाग सृजित करना और सीडीएस पद को संस्थागत स्वरूप प्रदान करना महत्त्वपूर्ण और समग्र सुधार हैं जिनसे हमारे देश को आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2019 को लालकिले की प्राचीर से मैंने घोषणा की थी कि भारत का एक चीफ आफ डिफेंस स्टाफ होगा। इस पद पर हमारे सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण की महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। यह 1.3 अरब देशवासियों की आशाओं एवं आकांक्षाओं को परिलक्षित करेगा। मोदी ने कहा कि पहले सीडीएस पदभार ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं देश के लिये सर्वस्व न्योछावर करने वालों और सेवा करने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
मैं उन बहादुर जवानों को याद करता हूं जिन्होंने करगिल की लड़ाई लड़ी, जिसके बाद हमारी सेना में सुधार के बारे में चर्चा शुरू हुई और इसके परिणामस्वरूप आज यह ऐतिहासिक पहल सामने आई। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह प्रसन्न हैं कि जब हम नए साल और नए दशक की शुरुआत करने जा रहे हैं तब जनरल बिपिन रावत के रूप में भारत को पहला चीफ आफ डिफेंस स्टाफ मिला।
सीडीएस की नियुक्ति ऐतिहासिक: शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की नियुक्ति भारत के लिए महत्त्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि यह सशस्त्र बलों के तीनों सेवाओं के कर्मियों के कल्याण के लिए मोदी सरकार के द्वारा किए गए प्रयासों को आगे बढ़ाएगा। शाह ने इसको लेकर कई ट्वीट किए।
उन्होंने ट्वीट में कहा कि पहले सीडीएस की नियुक्ति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंबे समय से लंबित मांग को पूरा कर दिया। बतौर सीडीएस जनरल बिपिन रावत के द्वारा काम संभालने के बाद उन्हें बधाई देते हुए शाह ने कहा, ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ न केवल भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों शाखाओं के कल्याण के मोदी सरकार के प्रयासों को और बढ़ाएगा बल्कि हमारी सेना का आधुनिकीकरण करेगा और नए भारत की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।’
अमित शाह ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि इस फैसले से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ रक्षा बलों में शामिल होने के भारत के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में सभी तीनों बल एक टीम की तरह काम करेंगे और देश की रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।’

