सीबीआई ने गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद के 21 वर्षीय बेटे मोहम्मद उमर की सूचना देने पर दो लाख रुपए का इनाम रखा है। उमर कथित तौर पर लखनऊ के एक व्यापारी का अपहरण करने और साल 2018 में देवरिया जिला जेल के अंदर उससे मारपीट के आरोप में वांछित हैं। अतीक तब देवरिया जेल में बंद था। उमर की सूचना के लिए प्रयागराज जिले में पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें घोषणा की गई है कि अपहरण और हत्या के प्रयास में वांछित उमर के ठिकाने की जानकारी के लिए 2 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। मामला लखनऊ के कृष्णा नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज है। पोस्टर में सीबीआई कार्यालयों और संबंधित अधिकारियों के टेलीफोन नंबर हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीई मामले की जांच कर रही है।

दरअसल सीबीआई ने पिछले साल जून में अतीक अहमद, उसके बेटे मोहम्मद उमर, चार सहयोगियों और 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अतीक को गुजरात की जेल में शिफ्ट कर दिया गया। बाप-बेटा और अन्य आरोपियों के खिलाफ केस लखनऊ के बिजनेसमैन मोहित जायसवाल की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीक के साथियों ने लखनऊ से उनका अपहरण किया और 26 दिसंबर, 2018 के देवरिया जेल ले गए। जहां अतीक और उसके सहयोगियों ने बैरक में उन्हें खूब पीटा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि अतीक ने अपने दो सहयोगियों के नाम पर 48 करोड़ रुपए की फर्मों के दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए और उनकी एसयूवी भी ले ली।

मामले में अतीक अहमद, उसके बेटे और दूसरे सहयोगियों के खिलाफ पिछले साल जनवरी में लखनऊ के कृष्णा नगर में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस में मामले में जांच की और आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। पिछले साल मई में ही देवरिया जेल के पांच कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पिछले साल अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने मोहित जायसवाल के साथ मारपीट के मामले में CBI जांच के आदेश दिए और अतीक अहमद को गुजरात की जेल में ट्रांसफर करने के भी निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि अतीक अहमद के छोटे भाई खलील अजीम उर्फ अशरफ के खिलाफ भी प्रयागराज पुलिस ने एक लाख रुपए का इनाम रखा है। पूर्व सपा विधायक अशरफ प्रयागराज के धूमनगंज थाना में चार मामले में वांछित हैं। चार में से दो मामले हत्या से संबंधित हैं। इन चार मामलों में से तीन साल 2016 और एक मामला 2015 में दर्ज किया गया। अशरफ के खिलाफ 27 मामले दर्ज हैं। ताजा मामला उनके खिलाफ साल 2018 में दर्ज किया गया था।