उत्तर प्रदेश में चुनावी कामयाबी हासिल करने के लिए जातियों को साधना बेहद जरूरी है। राज्य की राजनीति में एक प्रभावशाली जाति ऐसी है जिसे उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के साथ ही बीजेपी संगठन में भी अच्छी हिस्सेदारी मिली है।

हम बात कर रहे हैं ब्राह्मण जाति के बारे में।

‘ब्राह्मण सहभोज’ को लेकर सियासी हलचल

बीते दिनों उत्तर प्रदेश में बीजेपी से जुड़े ब्राह्मण विधायकों ने एक बैठक की थी। इसे ‘ब्राह्मण सहभोज’ नाम दिया गया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति को लेकर सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों पर काफी बहस हुई थी।

विपक्ष इस तरह के आरोप लगाता है कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में ब्राह्मण समुदाय के लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार और संगठन में ब्राह्मण समुदाय के कितने नेता हैं, इस पर नजर डालते हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, उत्तर प्रदेश बीजेपी के संगठन के 45 प्रमुख पदाधिकारियों (अध्यक्ष, महासचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष और सह-कोषाध्यक्ष सहित) में से 9 यानी 20% नेता ब्राह्मण हैं। उत्तर प्रदेश में कहा जाता है कि ब्राह्मण समुदाय की आबादी 7% के आसपास है। इस लिहाज से संगठन में ब्राह्मण समुदाय के नेताओं की हिस्सेदारी लगभग तीन गुनी है।

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योगी आदित्यनाथ सरकार में कुल 54 मंत्री हैं। इनमें से ब्राह्मण समुदाय के सात मंत्री हैं। यह आंकड़ा 13% के आसपास बैठता है। इतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो राम मंदिर आंदोलन के दौर से ही उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समुदाय बीजेपी के साथ रहा है।

क्षत्रिय समुदाय के कितने नेता हैं?

आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि उत्तर प्रदेश बीजेपी के 45 प्रमुख संगठनात्मक पदाधिकारियों में से क्षत्रिय समुदाय के सात नेता हैं और यह आंकड़ा 15% है। योगी सरकार के मंत्रिमंडल में भी क्षत्रिय समुदाय के सात मंत्री हैं। इस तरह योगी सरकार के मंत्रिमंडल में ब्राह्मण और क्षत्रिय समुदाय के नेताओं की भागीदारी बराबर है।

अन्य ऊंची जातियों की बात करें तो संगठन के 45 पदाधिकारियों में से वैश्य समुदाय के भी सात पदाधिकारी हैं और भूमिहार समुदाय से दो नेता शामिल हैं।

ओबीसी समुदाय से हैं प्रदेश अध्यक्ष

अब बात करते हैं, ओबीसी और दलित समुदाय की। उत्तर प्रदेश बीजेपी में संगठन की कमान ओबीसी समुदाय के पंकज चौधरी के हाथ में है। संगठन में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पंकज चौधरी और महासचिव (संगठन) धर्मपाल सिंह सहित 12 ओबीसी नेता हैं। योगी सरकार के मंत्री परिषद में ओबीसी समुदाय के 20 मंत्री हैं और यह आंकड़ा 37 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में ओबीसी समुदाय काफी महत्वपूर्ण है।

बीजेपी ने सवर्ण जातियों और ओबीसी समुदाय के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।

बीजेपी संगठन के 45 प्रमुख नेताओं में दलित समुदाय के आठ नेता हैं और यह 18% के आसपास है। जबकि योगी सरकार के मंत्रिमंडल में दलित समुदाय के सात नेताओं को मंत्री बनाया गया है। राज्य में दलित समुदाय की आबादी 21% के आसपास है।

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