प्रजापिता ब्रह्मकुमारी की प्रमुख राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी का गुरुवार को मुंबई के एक निजी अस्पताल में 93 साल की उम्र में निधन हो गया। ब्रह्मकुमारी के सूचना निदेशक बी के करुणा ने बताया कि राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी का पिछले 15 दिन से मुंबई के सैफी अस्पताल में उपचार चल रहा था।

जानकारी के अनुसार, राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी ने गुरुवार सुबह 10.30 बजे मुंबई के सैफी हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। एक साल पहले दीदी जानकी के निधन के बाद दादी हृदयमोहिनी को मुखिया नियुक्त किया गया था। उनके पार्थिव देह को आबू रोड स्थित अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय में लाया जाएगा, जहां लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार 13 मार्च को किया जाएगा। दादी हृदयमोहिनी के निधन पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त किया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा “राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी ने समाज के उत्थान के लिए जो कुछ किया उसे हमेशा याद रखा जाएगा। दुनियाभर में ब्रह्माकुमारी के सकारात्मक संदेश को पहुंचाने में उनका अहम योगदान रहा है। उनके निधन का मुझे काफी दुख है, ओम शांति।”

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी राजयोगिनी दादी हृदय मोहिनी के निधन पर शोक प्रकट किया है। कांग्रेस नेता ने ट्वीट कर लिखा “राजयोगिनी दादी हृदय मोहिनी जी को मेरी श्रद्धांजलि। उन्हें आध्यात्मिक चेतना की प्रेरणा देने में उनकी भूमिका के लिए याद किया जाएगा और उनकी शिक्षाएं दुनिया भर में ब्रह्मकुमारी का निरंतर मार्गदर्शन करती रहेंगी। ओम शांति। ”

इसके अलावा राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित तमाम नेताओं ने दादी ह्रदयमोहिनी के निधन पर शोक जताया है। राज्यपाल मिश्र ने दादी ह्रदयमोहिनी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और उन्हें नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

अशोक गहलोत ने लिखा “ब्रह्मकुमारियों की प्रमुख राजयोगिनी दादी हृदय मोहिनी के निधन पर मेरी हार्दिक संवेदना। उन्होंने खुद को मानवता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया और लोगों को आध्यात्मिक पथ की ओर प्रेरित किया। मेरे विचार उनके अनुयायियों के साथ हैं।”