भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के छोले-भठूरे प्रकरण से सीख ली है। 12 अप्रैल (गुरुवार) को भाजपा सांसदों के उपवास से पहले पार्टी ने ताकीद करते हुए कहा है कि सभी भाजपा नेता खाते हुए अपनी फोटो खिंचाने से बचें। भाजपा के सांसद यह उपवास संसद सत्र में विपक्ष द्वारा व्यवधान पैदा करने के विरोध में रखेंगे। पार्टी का आरोप है कि विपक्ष ने संसद की कार्यवाही में खलल डाली है और उसे चलने नहीं दिया। बता दें कि दो अप्रैल को देश में दलितों ने भारत बंद बुलाया था। कांग्रेस इसके बाद से ही केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अधिक दबाव बना रही थी।
दिल्ली में कांग्रेस की ओर से इसी संबंध में राजघाट पर उपवास रखा गया था। उपवास के दौरान पार्टी के अजय माकन, अरविंदर सिंह लवली और हारुन यूसुफ इसमें छोले-भठूरे खाकर पहुंचे थे। इन नेताओं का खाते हुए फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस की जमकर किरकिरी हुई थी और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का उपवास उपहास में तब्दील हो गया था।
दिल्ली से भाजापा सांसद मीनाक्षी लेखी और डॉ.हर्षवर्धन ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 12 अप्रैल को सार्वजनिक स्थलों पर या खुले में कुछ भी न खाएं न पिएं। न ही वे उस दौरान अपनी फोटो खिंचाएं। सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेताओं और कार्यतकर्ताओं से यह भी कहा गया है कि वे उपवास स्थल के आसपास खाने-पीने के सामान बेचने वाले रेहड़ी-पटरी वाले को नहीं रहने दें।
मंगलवार (10 अप्रैल) को इससे पहले भाजपा सांसदों की बैठक हुई थी, जिसमें स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ 12 अप्रैल के लिए बनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा हुई थी। दिल्ली भाजपा के एक नेता उस बैठक में शामिल हुए थे। डॉ.हर्षवर्धन के हवाले से उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे सर्तक रहें, ताकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) को हर्षवर्धन व भाजपा को निशाना बनाने का कोई मौका न मिल पाए।
