वरिष्ठ बीजेपी नेता और सांसद अनंत हेगड़े ने महात्मा गांधी पर दिए अपने बयान को लेकर माफी मांगने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा था, जिस पर विवाद खड़ा हो जाए। इस मुद्दे से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट को उन्होंने गलत बताया। बोले कि जो कुछ कहा है वह ऑनलाइन उपलब्ध है। उसे देखा जा सकता है।
बेंगलुरु की एक सभा में दिए उनके बयान पर विपक्षी दलों ने संसद और संसद के बाहर कड़ा विरोध जताते हुए पीएम मोदी से स्पष्टीकरण मांगा था। बीजेपी की कर्नाटक इकाई ने भी बयान से खुद को फौरन अलग कर लिया था। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के शीर्ष नेता भी इस पर नाराजगी जताते हुए इस तरह के बयान से बचने की सलाह दी थी।
माफी मांगने के सवाल पर एएनआई से बात करते हुए हेगड़े ने कहा, “एक फरवरी 2020 को दिए बयान की मैं जिम्मेदारी लेता हूं। मैंने किसी राजनीतिक दल या महात्मा गांधी या अन्य किसी का कोई संदर्भ कभी नहीं दिया। मैं सिर्फ आजादी के संघर्ष को वर्गीकृत कर रहा था। भाषण सार्वजनिक सभा में दिया है। यदि कोई इसे देखना चाहता है, तो यह ऑनलाइन और मेरे वेबसाइट पर उपलब्ध है।”
बीजेपी सांसद ने कहा, “मैंने कभी भी महात्मा गांधी और पंडित नेहरू का नाम नहीं लिया। मैं सिर्फ स्वतंत्रता संघर्ष की चर्चा कर रहा था। इससे जुड़ी सभी मीडिया रिपोर्ट गलत है। जिस पर चर्चा की जा रही है, मैंने उस पर कभी भी कुछ नहीं कहा। यह अनावश्यक विवाद है।” सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने हेगड़े से अपने बयान पर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है।
सांसद हेगड़े के बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस ने कहा था, “राष्ट्रपिता को अंग्रेजों के चमचों और जासूसों के कैडर से किसी से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।” कांग्रेस के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने ट्वीट कर कहा था, “यह सही समय है जब भाजपा का नाम बदलकर ‘नाथूराम गोडसे पार्टी’ कर दिया जाए।”

