भारतीय जनता पार्टी के सांसदों को अहम निर्देश मिले हैं। इसके तहत अब सीधे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को निशाना बनाना होगा। बीते लम्बे समय से मोदी सरकार पर हमलावर राहुल गांधी को राफेल मुद्दा उठाने के लिए निशाना बनाने को कहा गया है। राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट मोदी सरकार के पक्ष में फैसला सुना चुका है। इसलिए सरकार अब फ्रंट फुट पर आना चाहती है। जिसके चलते निर्देश सांसदों को दिए गए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस में छपे दिल्ली कॉन्फिडेंशियल कॉलम के अनुसार, पार्टी की पार्लियामेंट्री मीटिंग में मंगलवार को राहुल गांधी पर हमलावर होने के लिए सांसदों से कहा गया। भाजपा इस मुद्दे पर पहले से ही राहुल गांधी से राफेल डील के सहारे भ्रष्टाचार के आरोप लगाने को लेकर माफी मांगने को कह रही रही है। वहीं, सांसदों को मैगजीन ‘यथावत’ की एक कॉपी भी सौंपी गई। जिसे पत्रकार बहादुर राय द्वारा सम्पादित की गई है। इस किताब के मुख्य प्रष्ठ पर राहुल गांधी की तस्वीर है। साथ ही इस पर लिखा है कि ‘राफेल आ मुझे मार’। संसद में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के सांसदों के हाथों में यह किताब दिखाई दी थी।
वहीं, भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला तेज करने के लिए मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों समेत बड़े नेताओं को सोमवार को देश के 70 शहरों में तैनात किया था। पार्टी के मीडिया प्रमुख और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा था कि, ‘राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस की साजिश और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ के उसके प्रयास का पर्दाफाश करेगी’।
बता दें कि, मोदी सरकार को राफेल पर शुक्रवार (14 दिसंबर) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली थी। कोर्ट ने कहा था कि ‘डील और विमानों कोई कमी देखने को नहीं मिलती है। ऐसे में यह कोर्ट का काम नहीं है कि वह इस मामले दखल दे’। उसके बाद मुख्य विपक्षी दल ने सीएजी रिपोर्ट को लेकर केंद्र पर जुबानी हमले बोले थे।
