पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को नक्सली कहा है। उन्होंने सवाल पूछा है कि देश के अलग-अलग राज्यों के चार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू, पी विजयन और एच डी कुमारस्वामी केजरीवाल का समर्थन क्यों कर रहे हैं। स्वामी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि केजरीवाल ऐसे शख्स हैं जो वास्तविक राजनीति का ककहरा भी नहीं समझते हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने 2जी घोटाले के मुद्दे के साथ शुरू हुए एंटी करप्शन मूवमेंट को भी कैप्चर कर लिया था और अन्ना हजारे के कंधे पर चढ़कर सुर्खियां और सत्ता बटोरकर उन्हें लात मार दिया। स्वामी ने कहा कि केजरीवाल 420 हैं।

बता दें कि शनिवार (16 जून) की शाम जब चारों मुख्यमंत्री दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर धरना दे रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। इसके बाद सभी मुख्यमंत्रियों ने केजरीवाल के आवास पर जाकर उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल से मुलाकात की। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केजरीवाल के धरने का समर्थन किया और कहा कि दिल्ली में संवैधानिक संकट आ खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि एक चुनी हुई सरकार को काम करने की छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संकट की वजह से दिल्ली की जनता का नुकसान हो रहा है और चार महीने से राज्य में कामकाज ठप है। ममता ने कहा कि जब दिल्ली में ऐसा हाल है तो देश के किसी भी हिस्से में यह हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में यह स्थिति चिंताजनक है।

ममता ने कहा कि लोकतंत्र में कभी-कभी राजनीति से ऊपर उठकर सोचना और करना पड़ता है। हमने एलजी से चिट्ठी लिखकर उनके आवास पर जाकर केजरीवाल से मिलने की इजाजत मांगी लेकिन कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने कहा कि एलजी को भी हमारी संवैधानिक स्थिति को ध्यान में रखकर कदम उठाना चाहिए था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और जवाब भिजवाया कि वो घर पर नहीं हैं। ममता ने नीति आयोग की बैठक के दौरान दिल्ली का मुद्दा उठाने की भी बात कही है।