पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने दिल्ली में चल रहे सियासी घमासान पर तंज कसा है और लिखा है कि अगर चारों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिल लेते तो आफत नहीं आ जाती। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट किया है, “आसमान नहीं गिर जाता अगर आपने पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने दे देते। वो देश की चुनी हुई सरकार के मुख्यमंत्री हैं चयनित सरकारों के नहीं। इस तरह की हरकत राजनीतिक ओछापन दिखाता है।” बीजेपी सांसद ने लिखा है कि इस हरकत से उन्हें उनके समर्थकों और प्रशंसकों की सहानुभूति हासिल होगी।

पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने लिखा है कि अरविंद केजरीवाल की वाजिब मांग पर भी ध्यान दें क्योंकि यह आपकी, हमारी और हम जैसे लोगों की मांग है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले। उन्होंने लिखा है कि व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की दिशा में ठोस कदम उठाइए। बीजेपी सांसद ने यह भी लिखा है कि पब्लिक के बीच यह संदेश काफी तेजी से फैला है कि दिल्ली के उप राज्यपाल ने आपके इशारे पर ही उन चारों मुख्यमंत्रियों को केजरीवाल से मिलने देने से रोका है। इसलिए गलती सुधारते हुए जल्द से जल्द उनकी वाजिव मांगे मान लें।

बता दें कि शनिवार (16 जून) की शाम जब चारों मुख्यमंत्री दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर धरना दे रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने नहीं दिया गया। इसके बाद सभी मुख्यमंत्रियों ने केजरीवाल के आवास पर जाकर उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल से मुलाकात की। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केजरीवाल के धरने का समर्थन किया और कहा कि दिल्ली में संवैधानिक संकट आ खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि एक चुनी हुई सरकार को काम करने की छूट मिलनी चाहिए।ममता ने कहा कि जब दिल्ली में ऐसा हाल है तो देश के किसी भी हिस्से में यह हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में यह स्थिति चिंताजनक है।