Delhi Blast Case: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किला के पास हुए बम धमाके में नई जानकारी सामने आई है। जांच के सिलसिले में केंद्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक टीम ने दिल्ली एवं उत्तराखंड पुलिस के सहयोग से जिले के बनभूलपुरा क्षेत्र से बिलाली मस्जिद के इमाम तथा उसके एक सहयोगी को गिरफ़्तार कर लिया और दोनों को दिल्ली ले गई। अधिकारियों ने शनिवार को इसकी पुष्टि की।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस को लाल किले के बाहर हुए धमाके के मुख्य आरोपी डॉ उमर नबी से जुड़े मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल से हल्द्वानी का एक सुराग मिला था, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि बिलाली मस्जिद के इमाम मोहम्मद आशिफ और बिजली का काम करने वाले नजर कमाल को शुक्रवार को आधीरात के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया और उन्हें दिल्ली ले जाया गया है।

गिरफ़्तारी के बाद हल्द्वानी के शहर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार कत्याल और लालकुआं की पुलिस उपाधीक्षक दीपशिखा अग्रवाल के नेतृत्व में लालकुआं, कालाढूंगी, हल्द्वानी, मुखानी और काठगोदाम आदि अनेक थानों से बड़ी संख्या में पुलिस बल बनभूलपुरा पहुंची। पुलिस ने बिलाली मस्जिद और इमाम के घर के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है। अचानक बढ़ी पुलिस की हलचल से स्थानीय लोग सहम गए।

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इस संबंध में कत्याल ने कहा कि एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गयी है। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि एनआईए और उत्तराखंड पुलिस की एक टीम नैनीताल में भी एक मस्जिद में कुछ लोगों से पूछताछ करने के लिए गयी है। लाल किले के पास एक कार में 10 नवंबर को हुए धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई अन्य घायल हो गए थे।

कोर्ट ने तीन डॉक्टरों और एक मौलवी को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

वहीं, दिल्ली की एक अदालत ने लाल किला विस्फोट मामले में गिरफ्तार तीन डॉक्टरों और एक मौलवी को शनिवार को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सभी चार आरोपियों – मुजम्मिल गनई, अदील राठेर और शाहीना सईद के साथ-साथ मौलवी इरफान अहमद वागय को प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने चारों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब तक, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा भंडाफोड़ किए गए एक ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं।

एनआईए ने एक बयान में कहा, ‘‘एजेंसी आत्मघाती बम विस्फोट के सिलसिले में विभिन्न सुरागों की तलाश जारी रखे हुए है तथा इस बर्बर हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उनका पता लगाने के लिए संबंधित पुलिस बलों के साथ समन्वय में विभिन्न राज्यों में तलाशी अभियान चला रही है।’’ दस नवंबर को लाल किले के बाहर विस्फोटकों से लदी आई20 कार में विस्फोट हुआ था, जिसे डॉ. उमर-उन-नबी चला रहा था।

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(इनपुट भाषा)