बिहार में पांच चरणों में 12 अक्तूबर से पांच नवंबर के बीच विधानसभा चुनाव होंगे और मतगणना आठ नवम्बर को होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि 243 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए चुनाव पांच चरणों में होगा । पहले चरण का मतदान 12 अक्तूबर, दूसरे चरण का मतदान 16 अक्तूबर को, तीसरे चरण का 28 अक्तूबर को, चौथे चरण का एक नवम्बर को और अंतिम चरण का मतदान पांच नवम्बर को होगा। बिहार विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

जैदी ने बताया कि चुनाव की अवधि के दौरान दशहरा, ईद, मुहर्रम, दिवाली, छठ जैसे कई महत्वपूर्ण त्योहार आ रहे हैं। आयोग सांप्रदायिक सौहार्द और शांति सुनिश्चित करेगा। चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति और ओम प्रकाश रावत के साथ जैदी ने संवादााताओं से कहा कि राज्य में शांतिपूर्ण, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। जहां 47 विधानसभा क्षेत्र नक्सल हिंसा से प्रभावित है। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 6.68 करोड़ मतदाता हैं।

बिहार में भाजपा नीत राजग और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जद (एकी), लालू प्रसाद की राजद और कांग्रेस के महागठबंधन के बीच कांटे की टक्कर मानी जा रही है। राज्य विधानसभा चुनाव के परिणाम का राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव पड़ने की भी संभावना है। भाजपा के लिए यह चुनाव जीतना बेहद महत्वपूर्ण है। अगर वह नरेंद्र मोदी सरकार के पक्ष में राजनीतिक बयार को गति देना चाहती है और दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की पराजय और भूमि विधेयक पर कदम पीछे खींचने और जीएसटी जैसे विषयों को आगे नहीं बढा पाने की पृष्ठभूमि में केंद्र में सत्तारूढ पार्टी के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राज्य में जद(एकी)10 वर्षो से सत्ता में है और इस दौरान नीतीश कुमार के हाथों में काफी समय तक राज्य की बागडोर रही। कुमार की पार्टी का इस बार लालू प्रसाद की राजद और कांग्रेस के साथ गठबंधन है। नीतीश भाजपा के साथ 17 वर्षो पुराना गठजोड़ तोड़कर जून 2013 में राजग से अलग हो गए थे। पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव में भाजपा का रामविलास पासवान की लोजपा और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के साथ गठजोड़ था और भाजपा नीत गठबंधन ने उस चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया था।