कोरोना वायरस संकट के बीच बिहार विधानसभा चुनाव  भी नजदीक आता जा रहा है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियां कमर कस रही हैं। इसी कड़ी में हैदराबाद के सांसद  असदुद्दीन औवैसी की पार्टी  एआईएमआईएम ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है।

ट्विटर पर एक वीडियो जारी कर  AIMIM का प्रदेश अध्यक्ष अख्तर उल इमान ने कहा कि बिहार के इलेक्शन नजदीक है और सियासी हलचल हो चुकी है। इस बार AIMIM हमनें सलाह कर लिया है बिहार के 22 जिलों की 32 सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी। जल्द ही हम दूसरी लिस्ट जारी करेंगे। इस वक्त बिहार में जो इलेक्शन हो रहा है। ये चुनाव 15 साल बनाम 15 साल है। प्रदेश के लोगों को नीतीश की सरकार का हिसाब चाहिए।

वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तीसरे मोर्चे की कवायद तेज, पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के साथ उपेन्द्र कुशवाहा और मुकेश सहनी होगें मोर्चा में शामिल, मजदूर किसान पार्टी, रालोसपा और वीआईपी के एक मंच पर आने की संभावना है।

बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में ऑल इंडिया मजलिस-एइत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने  बिहार में उपचुनाव में जीत हासिल कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।पार्टी ने  किशनगंज विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल की थी। पार्टी की तरफ से कमरुल होदा ने भाजपा की स्वीटी सिंह को 10 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से हराया था।  किशनगंज सीट पर पहले कांग्रेस के कब्जे में थी।

कांग्रेस के मोहम्मद जावेद ने पिछले लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। इसी इस वजह से उपचुनाव कराना पड़ा था। उपचुनाव में जावेद की मां सईदा बानो कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरीं लेकिन वह महज 25,285 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं। उस समय ओवैसी ने भी बिहार में जीत को स्पेशल बताया था। इससे पहले ओवैसी की पार्टी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी 2 सीटों पर जीत हासिल की थी।