अभिनंदन पाठक उर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डुप्लीकेट के नाम से मशहूर भाजपा से बेहद नाराज हैं। अब वह लोगों से पूछ रहे हैं कि क्या अच्छे दिन आए? वह शुक्रवार को बिहार की राजधानी पटना स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर देखे गए। वह कह रहे थे, ‘भाईयों और बहनों मैं पूछता हूं कि क्या बिहार की जनता के अच्छे दिन आए? आए क्या अच्छे दिन? नहीं आए।’

अभिनंदन पाठक ने कहा, ‘बिहार में परिवर्तन होने जा रहा है। बिहार में डबल इंजन की सरकार फेल है। आने वाली सरकार भ्रष्टाचार मुक्त न्याय दल के समर्थन से बनेगी। पूरे देश में पूरे प्रदेश में त्राहि-त्राहि मची हुई है। मैं पूछना चाहता हूं डबल इंजन वालों से क्या बिहार में एक सुई बनाने तक का कारखाना आपने दिया? नहीं दिया।’ बता दें कि एक समय अभिनंदन पाठक की गिनती मोदी के कट्टर समर्थकों में होती थी।

दरअसल, भाजपा के कथित तौर पर ‘काम’ नहीं करने के कारण लोग जब उनसे पूछने लगे कि अच्छे दिन कब आएंगे। इसके बाद उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में रहने वाले अभिनंदन पाठक ने भाजपा छोड़ दी। तब अभिनंदन पाठक ने कहा था, ‘अगर मेरी बात मोदी जी तक नहीं पहुंची तो मैं सोनिया जी और राहुल गांधी से मिलूंगा। मैं कांग्रेस के लिए प्रचार करूंगा।’

अभिनंदन पाठक को लोग जूनियर मोदी भी कहते हैं। वह 2014 लोकसभा चुनाव के समय से ही पीएम मोदी की तमाम रैलियों में देखे गए थे।उन्होंने वाराणसी में तो गली-गली घूमकर पीएम मोदी के लिए वोट मांगे थे। लेकिन 2019 में मामला बिल्कुल उलट था। 2019 में अभिनंदन पाठक ने वाराणसी में नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले अजय राय के लिए प्रचार किया।

अभिनंदन पाठक ने 2019 में कहा था कि बस बहुत हो गया अब वह मोदी और भाजपा के लिए काम नहीं करेंगे। यही नहीं, अभिनंदन पाठक ने लखनऊ में भाजपा नेता राजनाथ सिंह को चुनाव में चुनौती दी थी। अभिनंदन ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लखनऊ से नामांकन भरा था। अभिनंदन ने भाजपा के खिलाफ छत्तीसगढ़ में प्रचार किया था। अभिनंदन ने कहा था कि वह किसी के नहीं बल्कि ‘जुमले’ के खिलाफ हैं।