पांच राज्यों की विधानसभा चुनावों के लिए सभी दलों का प्रचार अभियान तेजी पर है। सत्तारूढ़ दल अपनी सरकार को बचाने में जी जान से जुटी है तो वहीं विपक्ष उसको गिराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। असम में चुनाव प्रचार के लिए एक रैली को संबोधित करने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। कहा कि कांग्रेस कभी विकास की पक्षधर नहीं रही। यह नया भारत है, जहां सभ्यता और संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। हम विकास की योजनाओं में किसी के साथ जाति, मजहब, क्षेत्र और भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं करेंगे।

योगी आदित्यनाथ ने असम के पिछड़ेपन के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन वहां तो इस समय भाजपा की सरकार है। ऐसी हालत में कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने पर कई लोगों ने आश्चर्य जताया है। कलाईगांव में एक रैली को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, “असम की धरती शंकर देव की धरती भी है। वे ऐसे दूरदर्शी महापुरूष थे जिन्होंने भारत में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अलख जगाते हुए घुसपैठ की समस्या के बारे में ध्यान आकर्षित किया था। इसीलिए शंकर देव को कांग्रेस ने मान्यता नहीं दी”

इस बीच असम विधानसभा के छह अप्रैल को होने वाले तीसरे चरण के चुनाव के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के सहयोगी दल यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल), आठ दलों के महागठबंधन में शामिल बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और नव गठित रैजोर दल ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है।

यूपीपीएल ने आठ उम्मीदवारों की दूसरी सूची की घोषणा की है जिसमें राज्यसभा के पूर्व सांसद एवं पार्टी के संस्थापक उर्खाव ग्वरा ब्रह्म को चापागुड़ी (एसटी), प्रतिष्ठित कारोबारी मनरंजन ब्रह्म को कोकराझार पश्चिम (एसटी) और एबीएसयू के पूर्व महासचिव लॉरेंस इस्लारी को कोकराझार पूर्व (एसटी) सीट से उम्मीदवार बनाया है।

पार्टी के महासचिव मोती ब्रह्म हजोरी ने मंगलवार को बताया कि यूपीपीएल के अन्य उम्मीदवारों में गोसाइगांव से सोमनाथ नरजारी, सिधली से जयंत बसुमतारी, बिजनी से पानिन बोरो, तमुलपुर एलएसी से लेहो राम बोरो और बरामा (एसटी) से भूपेन बोरो शामिल हैं। यूपीपीएल ने इससे पहले दो उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची की घोषणा की थी जिनमें उदलगुड़ी से गोबिंद चंद्र बसुमतारी और मजबत से रतेंद्र दैमारी को प्रत्याशी बनाया गया।