असम भाजपा ने गुरुवार को पूर्व डिप्टी स्पीकर दिलीप कुमार पॉल सहित 15 नेताओं को निष्कासित कर दिया। इन लोगों ने टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव में खड़े हो रहे हैं। भाजपा के प्रदेश महासचिव राजदीप रॉय ने कहा कि पार्टी के असम प्रमुख रणजीत कुमार दास ने तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्रवाई की मंजूरी दे दी है।
15 सदस्यों की सूची में पूर्व डिप्टी स्पीकर दिलीप कुमार पॉल भी शामिल हैं, जिन्होंने टिकट से वंचित होने के बाद पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में सिलचर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। असम विधानसभा की 126 सीटों में से भाजपा 92 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बाकी 34 सीट पार्टी ने अपने सहयोगियों असोम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के लिए छोड़ दिया है। इस बीच राज्य के करीमगंज क्षेत्र में पीएम मोदी ने एक सभा में कांग्रेस की नीतियों की जमकर आलोचना की।
उन्होंने आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) से गठबंधन करने के लिए बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा कि आज यह विपक्षी पार्टी इतनी कमजोर हो गई है कि वह किसी से भी हाथ मिला सकती है क्योंकि उसके पास ‘‘ना नेता है, ना नीति है और ना ही कोई विचारधारा है।’’
प्रधानमंत्री ने यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस को ‘‘भ्रमित पार्टी’’ करार दिया और सवाल किया कि जिस दल की सोच स्थिर नहीं है, वह असम में क्या स्थिर सरकार दे सकता है? उन्होंने कहा, वह वोट बैंक की राजनीति के लिए किसी को भी गुमराह कर सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विचित्र स्थिति आज पूरा देश देख रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में जिन वामपंथियों के साथ वो (कांग्रेस) लाल सलाम कर रहे हैं, उन्हीं के साथ केरल में नूरा-कुश्ती चल रही है। कांग्रेस का ये कंफ्यूजन (भ्रम) हर तरफ हैं। जिस पार्टी की सोच ही स्थिर नहीं है, वह क्या असम में स्थिर सरकार दे सकती हैं?’’ असम में एआईयूडीएफ से कांग्रेस के गठबंधन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अब पूर्वोत्तर के इस राज्य को ही देख लीजिए कि कभी यहां की सत्ता पर राज करने वाली (पार्टी) आज यहां किसके भरोसे मैदान में है?
उन्होंने कहा, ‘‘जिन लोगों की राजनीति से यहां के कांग्रेस के कार्यकर्ता दशकों से लड़ रहे हैं वहीं हाथ (कांग्रेस का चुनाव चिह्न) ताला चाबी लिए घूम रहे हैं।’’ ज्ञात हो कि ताला-चाबी एआईयूडीएफ का चुनाव चिह्न है। इसके अध्यक्ष सांसद बदरूद्दीन अजमल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस है तो दूसरी तरफ ‘‘भाजपा की नीति है, भाजपा का नेतृत्व और भाजपा की नेक नीयत है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों और उनकी नीतियों ने असम को सामाजिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक और राजनीतिक, हर तरह से नुकसान पहुंचाया।

