अयोध्या का जमीन विवाद (Ayodhya Dispute) पूरी तरह खत्म हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार में राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir Construction) के लिए ट्रस्ट बनाने की तैयारियां चल रही हैं। इसी बीच हैदराबाद के सांसद और AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने फिर से बयान दिया है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, ‘मुझे मेरी मस्जिद वापस चाहिए।’ ओवैसी यहीं नहीं रूके, मीडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘मैं मिस्टर मोदी के कंट्रोल वाले ऑर्केस्ट्रा में नहीं हूं, जो उनका दिया गाना गाउंगा।’
ओवैसी लगातार कर रहे विरोधः जिस दिन सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था, उसी दिन ओवैसी ने विरोध करते हुए कहा था, ‘हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन इससे खुश नहीं हैं।’ इसके साथ ही उन्होंने सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से उस समय दिए गए फैसले के खिलाफ अपील करने के बयान का भी समर्थन किया था। हालांकि बाद में बोर्ड ने कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने से इनकार कर दिया।
‘मस्जिद नहीं गिरती तब भी यही फैसला होता’: फैसले के दिन ओवैसी ने सवाल किया था कि यदि बाबरी मस्जिद नहीं गिरी होती तब भी क्या सुप्रीम कोर्ट यही फैसला करता? इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था, ‘मुस्लिम गरीबी और पिछड़ेपन के शिकार हैं, लेकिन इतने भी नहीं कि अल्लाह की मस्जिद बनाने के लिए जमीन न जुटा सके। हमें पांच एकड़ जमीन की खैरात नहीं चाहिए।’
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राजीव गांधी-नरसिम्हा राव पर साधा था निशानाः इसके साथ ही अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करने वाली कांग्रेस को भी ओवैसी ने जमकर कोसा है। उन्होंने कांग्रेस से प्रधानमंत्री बनने वाले दो पूर्व नेताओं राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव को निशाने पर लिया था। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि अयोध्या पर फैसले को लेकर कांग्रेस के स्टैंड ने काफी कुछ साफ कर दिया।
