आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने केन्द्र की मोदी सरकार पर एक बार फिर हमला बोला है। अरविंद केजरीवाल ने टाइम्स ऑफ इंडिया के एक लेख को रिट्वीट कर लिखा कि “क्या यह संभव है कि अधिकारी सरकार के लिखित आदेश को इस निडरता से नकार दें, जब तक कि उन्हें केन्द्र सरकार का समर्थन ना प्राप्त हो? मोदी सरकार अराजकता फैला रही है।” बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने टाइम्स ऑफ इंडिया के जिस लेख को अपने ट्वीट के साथ अटैच किया है, वो दिल्ली सरकार की राशन की डूर-टु-डूर योजना के संबंध में है।
इस लेख के अनुसार, दिल्ली सरकार की महत्वकांक्षी योजना जिसमें राशन की डिलीवरी लोगों के घर तक की जानी है, उसमें दिल्ली सरकार के फूड डिपार्टमेंट अधिकारी यह कहकर अड़ंगा अड़ा रहे हैं कि इस योजना को क्रियान्वित करने से पहले केन्द्र सरकार की मंजूरी लेनी होगी। अधिकारियों का कहना है कि गरीबों को राशन बांटने की योजना राष्ट्रीय फूड सिक्योरिटी एक्ट, 2013 के अन्तर्गत आती है। ऐसे में दिल्ली सरकार की राशन घर-घर भेजने की योजना बिना केन्द्र सरकार की मंजूरी के बिना लागू नहीं की जा सकती। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार और उप-राज्यपाल अनिल बैजल के बीच शक्तियों के बंटवारे का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कानून व्यवस्था, लैंड और पुलिस विभाग को छोड़कर अन्य विभागों को चुनी हुई सरकार का अधिकार क्षेत्र का मामला बताया था। जिसके बाद दिल्ली सरकार ने अधिकारियों को आदेश देकर तुरंत राशन की घर-घर डिलीवरी की योजना को लागू करने का आदेश दिया था।
लेकिन दिल्ली सरकार का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों दिल्ली सरकार को शिकायत मिली थी कि राशन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम में अफसरों और राशन डीलर्स की मिलीभगत से जमकर धांधली की जा रही है। जिसके बाद सरकार ने राशन के पैकेट घर-घर भेजने वाली योजना शुरु करने का फैसला किया था। लेकिन फूड डिपार्टमेंट के नए अड़ंगे के कारण एक बार फिर दिल्ली सरकार की यह महत्वकांक्षी योजना लटकती दिखाई दे रही है। यही वजह है कि अरविंद केजरीवाल का गुस्सा एक बार फिर मोदी सरकार पर फूट पड़ा है।

