Jammu and Kashmir, Article 370 Revoked, Difference between State and Union Territory Full News & Details in Hindi: अनुच्छेद 370 से जुड़े नरेंद्र मोदी सरकार के सोमवार (पांच अगस्त, 2019) को ऐतिहासिक फैसले से जम्मू-कश्मीर अब राज्य के बजाय केंद्र शासित प्रदेश होगा, जबकि उसके तहत आने वाले लद्दाख को भी केंद्र शासित क्षेत्र का दर्ज मिलेगा। हालांकि, गृह मंत्री ने साफ किया है कि हालात सामान्य होने पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्ज लौटा दिया जाएगा। इसी बीच, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। ऐसे में क्या आपको पता है कि एक सूबा और केंद्र शासित प्रदेश क्या होता है और इनके बीच आखिर क्या फर्क रहता है? अगर नहीं, तो जानिए नीचे:
राज्य क्या होता है?: राज्य एक किस्म के विभाजन वाला क्षेत्र होता है, जो कि भारतीय संविधान के तहत आता है। खास बात है कि इसकी खुद की सरकार होती है, जो राज्य/प्रदेश सरकार के तौर पर जानी जाती है। आमतौर पर राज्यों को चुनी हुई सरकार (केंद्र) की प्रशासनिक इकाई के तौर पर देखा जाता है, जिसके पास कानून बनाने और उनमें संशोधन करने के अधिकार होते हैं।
शासन के लिए राज्यों की खुद की विधानसभाएं और मुख्यमंत्री होते हैं, जबकि यहां एक राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में काम करता है। आजादी से पहले देश में दो किस्म के राज्य होते थे। पहले- प्रोविंस, जबकि दूसरे- प्रिंसली स्टेट्स। प्रोविंस को ब्रिटिश हुकुत चलाती थी, जबकि प्रिंसली स्टेट्स को वहां से शासक चलाते थे।
केंद्र शासित प्रदेश को जानें: इन पर सीधे तौर पर शासन केंद्र सरकार का होता है, जो कि लेफ्टिनेंट गवर्नर (प्रशासक/एलजी) के जरिए वहां की व्यवस्था चलाती है। एलजी, राष्ट्रपति का प्रतिनिधि होता है और उसकी नियुक्ति केंद्र सरकार ही करती है। केंद्र शासित क्षेत्रों की तरफ से संसद के उच्च सदन यानी कि राज्यसभा में नई दिल्ली और पुदुचेरी को छोड़कर कोई प्रतिनिधित्व नहीं होता।
और सरल भाषा में कहें तो केंद्र शासित प्रदेश ऐसी छोटी प्रशासनिक इकाई होते हैं, जिन पर केंद्र सरकार का शासन होता है। सीधे तौर पर इन पर नियंत्रण और प्रशासन केंद्र ही करता है। बता दें कि मोदी सरकार के कश्मीर से जुड़े हालिया फैसले के बाद भारत में कुल 28 राज्य हो गए हैं, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या नौ हो गई है।

