किसान आंदोलन का मुद्दा गर्म है। सरकार के बार-बार बातचीत के प्रयास के बाद भी किसान पीछे हटने के तैयार नहीं हैं। इस दौरान राहुल गांधी की नामौजूदगी से उनकी गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं। अर्नब ने कहा, ‘कांग्रेस का खेल खुलकर सामने आ गया है। किसान मैदान में डटे हैं और राहुल बाबा इटली में हैं। आज साबित हो गया कि कांग्रेस के लिए किसान आंदोलन का मतलब खेल-तमाशा से ज्यादा कुछ नहीं है। राहुल बाबा ननिहाल में हैं।’
कांग्रेस प्रवक्ता दुष्यंत नागर से अर्नब गोस्वामी ने कहा, ‘राहुल गांधी के लिए किसानों से ज्यादा जरूरी सैर सपाटा है।’ इसपर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘आपका दोहरा चरित्र सबके सामने बेनकाब हो गया है। आप देश को बहका रहे थे। पिछले हफ्ते भर से आप लगातार कहते रहे कि कांग्रेस किसानों को भड़का रही है। आज आप कह रहे हैं कि छोड़कर चले गए। अगर यह आंदोलन राहुल गांधी ने खड़ा किया होता तो वह यहीं रहते। यह आंदोलन इसलिए खड़ा हुआ है क्यों कि किसानों के प्रति अन्याय हो रहा है। अडानी और अंबानी की आय दोगुनी हो गई है और गरीब और गरीब हो गया।’
इसपर प्रेम शुक्ला ने कहा, ‘राहुल गांधी की यात्रा कोरोना की वजह से घट गई है। उनको देश में बहुत सारा समय बिताना पड़ा। यही सवाल है कि राहुल गांधी भाग क्यों गए। किसान ठंड पड़े हैं और पंजाब सरकार की मदद से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं तो राहुल गांधी क्यों भाग गए।’ कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह काला कानून बीजेपी ने बनाया है, राहुल गांधी ने नहीं बनाया है।
बीजेपी किसान मोर्चा के चीफ ने कहा, आप किसानों को गुमराह न करें। इसपर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, आप किसान भाइयों का कुछ भला करें। उनके साथ अत्याचार क्यों कर रहे हैं?
अर्नब ने कहा, मुझे कोई यह बता दे कि वह ज्यादातर विदेश में क्यों रहते हैं। इसकी वजह क्या है? क्या न्यू ईयर पार्टी भारत में नहीं हो सकती? एक पैनलिस्ट ने कहा, दो करोड़ का ड्रामा करके वह भाग गए। उनके लिए थाइलैंड जाना भी जरूरी है। वह तो लोकसभा के चुनाव में भाग गए थे।
