संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर हुए हिंसक संघर्ष में पिछले महीने घायल एक युवक की अस्पताल में मौत होने के बाद पुराने शहर के इलाकों में सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रवक्ता के अनुसार मोहम्मद तारिक मुनव्वर (22) गोली लगने से घायल हो गये थे और पिछले कुछ दिनों से वह वेंटिलेटर पर थे।
अस्पताल के अधिकारी ने बताया कि मुनव्वर की स्थिति शुक्रवार की शाम को बिगड़ गई और रात में उनकी मौत हो गई।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मुनिराज जी ने पत्रकारों को बताया कि एहतियाती कदम उठाते हुए शहर के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।पुलिस ने बृहस्पतिवार को मुनव्वर पर हमले के सिलसिले में भाजपा के स्थानीय नेता विनय वार्ष्णेय को गिरफ्तार किया था।
मुनव्वर को शहर में अपर कोट इलाके में भड़की हिंसा के दौरान 23 फरवरी को गोली लगी थी और वह गंभीर रूप से घायल हो गये थे। वार्ष्णेय को बाबरी मंडी में उसके घर से गिरफ्तार किया गया था और उसके तथा दो अन्य लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था।भाजपा नेता के अलावा, अपर कोट में हिंसक घटनाओं के लिए मुस्तकीम, अनवर, फहीमुद्दीन, साबिर और इमरान सहित पांच अन्य को गिरफ्तार किया गया था।कुछ हिंदू दक्षिणपंथी समूहों ने उसकी तत्काल रिहाई की मांग करने शुरू कर दी है और समूहों ने प्रदर्शन भी किये है।
वहीं दूसरे तरफ सहारनपुर जिले के देवबंद स्थित ईदगाह मे सीएए और एनआरसी के विरोध में चल रहे धरना प्रदर्शन में पिछले कई दिनों से अपनी मां के साथ आने वाली दुधमुही बच्ची की मृत्यु हो गई। इसकी जानकारी होने पर प्रदर्शनरत महिलाएं दुख व्यक्त करने शोकशंतप्त मां के घर पहुंची।देवबंद के मोहल्ला बडजियाउल्हक स्थित कुंए वाली गली निवासी नौशाद की पत्नी नोशाबा पिछले कुछ दिनों से अपनी डेढ माह की बच्ची को लेकर इस आन्दोलन में शामि ल हो रहीं थी। कई बार नोशाबा ने प्रदर्शन स्थल पर रात भर रुकने की इच्छा भी व्यक्त की लेकिन वहां मौजूद महिलाओं ने छोटी बच्ची को देखते हुए इसकी कभी इजाजत नहीं दी।
(भाषा इनपुट्स के साथ)

