Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दलों का प्रचार अभियान तेज हो गया है। 2020 दिल्ली दंगों के आरोपी और मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र से AIMIM उम्मीदवार ताहिर हुसैन को भी सुप्रीम कोर्ट से कस्टडी पैरोल मिल चुकी है। वह भी चुनाव प्रचार अभियान में जुट गया है। ताहिर हुसैन ने कहा कि सभी पार्टियों ने मुस्तफाबाद की उपेक्षा की है। कभी स्थानीय उम्मीदवार नहीं बनाया और कभी मुस्तफाबाद के विकास के लिए काम नहीं किया।
ताहिर हुसैन ने प्रचार अभियान के दौरान कहा, ‘मुझे AIMIM ने मुस्तफाबाद से प्रत्याशी बनाया है और इसलिए बनाया गया है क्योंकि मेरा बचपन और उम्र के जिस पड़ाव पर मैं आज हूं। मुस्तफाबाद की जनता ने मुझे जाना और पहचाना है। आज से पहले तमाम पार्टियों ने मुस्तफाबाद को हर तरह से दरकिनार रखा है। ना ही यहां पर कभी कोई लोकल प्रत्याशी दिया और ना ही यहां पर कोई काम कराया है। यहां की सड़कों ही हालत भी बेहद खराब है। तारों का जाल भी यहां पर बिछा हुआ है। मैं सुप्रीम कोर्ट का बहुत-बहुत शुक्रगुजार हूं और अल्लाह का बहुत ही अहसान है मुझ पर। बाबा भीमराव अंबेडकर ने हमें जो संविधान दिया था उसी के तहत एक सीएम के ऊपर भी वही चीज लागू होती है और एक आम इंसान को भी वहीं ताकत दी जाती है कि वो भी अपनी जनता के बीच जाकर अपने हक की लड़ाई के लिए जनता से वोट की अपील कर सकता है।’
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सुप्रीम कोर्ट ने दी कस्टडी पैरोल
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ताहिर हुसैन को 29 जनवरी से 3 फरवरी तक कस्टडी पैरोल दी थी। इसके तहत उन्हें पुलिस निगरानी में हर रोज सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे प्रचार करने की इजाजत दी गई थी। जस्टिस विक्रम नाथ, संजय करोल और संदीप मेहता की बेंच ने फैसला सुनाया कि हुसैन को पुलिस एस्कॉर्ट समेत सुरक्षा खर्च को कवर करने के लिए रोजाना 2.47 लाख रुपये जमा करने होंगे। निर्वाचन क्षेत्र में 2,88,902 रजिस्टर्ड वोटर्स हैं। इनमें 1,55,706 पुरुष मतदाता, 1,33,193 महिला मतदाता और तीन थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं।
मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से ये उम्मीदवार चुनावी दंगल में
मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र में प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों को उतारा है। भारतीय जनता पार्टी ने पड़ोसी करावल नगर से मौजूदा विधायक मोहन सिंह बिष्ट को उम्मीदवार बनाया है, जबकि आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधित्व आदिल अहमद खान कर रहे हैं, जो अन्ना हजारे आंदोलन के समय से पार्टी से जुड़े हुए हैं। कांग्रेस ने पूर्व विधायक हसन मेहदी के बेटे अली मेहदी को मैदान में उतारा है। दिल्ली में 5 फरवरी को वोटिंग होगी और इसके तीन दिन बाद यानी 8 फरवरी को नतीजे आएंगे। क्या सच में दिल्ली के पानी में जहर घोल रही है हरियाणा सरकार? पढ़ें पूरी खबर…
