दलितों पर हमले राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बनने के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा के कथित ‘दलित विरोधी एवं मनुवादी’ चेहरे को बेनकाब करने के लिए चुनाव वाले राज्यों-पंजाब, गोवा और गुजरात में ‘दलित घोषणापत्र’ जारी करने का फैसला किया है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि विशेष रूप से दलितों पर केंद्रित घोषणापत्र में इन राज्यों में योजनाबद्ध तरीके से दलितों का उत्पीड़न किये जाने का विशद उल्लेख होगा और उन्हें सामाजिक विकास में शामिल करने के एजेंडे के अभाव को लोगों के सामने रखा जाएगा। आप जिस तरह पंजाब में युवा घोषणा लायी है, उसी तरह वह गोवा में भी युवा घोषणापत्र लाएगी।
आप के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘चूंकि केंद्र की दलितों के विरूद्ध अपराध के अपराधियों पर कोई कार्रवाई करने में रूचि नहीं है, तब क्या विकल्प रह जाता है? गुजरात में, यह पहली बार नहीं है कि दलितों को इतनी बुरी तरह पीटा गया। लेकिन कितने लोगों को पता है कि यह होता आ रहा है।’
नेता ने कहा कि आप मानती है कि भाजपा के दलित विरोधी और मनुवादी चेहरे को बेनकाब करने का समय आ गया है । लोगों को पता चलना चाहिए कि उसका ऐसा कोई समावेशी एजेंडा नहीं है जिसका दलित हिस्सा होंगे। नेता ने आगे कहा, ‘उन्होंने मायावती का अपमान क्यों किया? मैं समझता हूं कि समय आ गया है कि लोगों को पता चले कि भाजपा दलित विरोधी है। यह मूल रूप से मनुवादी पार्टी है और उसका अपने विकास एजेंडे में दलितों को शामिल करने के लिए अपना कोई समावेशी एजेंडा नहीं है ।’
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अभी हाल में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुजरात यात्रा की थी और भाजपा को दलित विरोधी करार दिया था। उन्होंने इस यात्रा के दौरान उन दलितों से भेंट की थी जिन्हें गौरक्षकों ने पीटा था।
