पंजाब के मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद अहम मंत्रालय छीने जाने के बाद से खफा कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। 55 वर्षीय सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को संबोधित अपने इस्तीफे को रविवार को ट्विटर पर सार्वजनिक किया। इस इस्तीफे पर 10 जून की तारीख लिखी है।
यह इस्तीफा उन्होंने उनके मंत्रालय में बदलाव किए जाने के मात्र चार दिन बाद भेजा था। सिद्धू ने ट्विटर पर पोस्ट किए गए अपने पत्र में लिखा, ‘‘मैं पंजाब कैबिनेट से मंत्री के तौर पर इस्तीफा देता हूं।’’ मंत्रालय में बदलाव के बाद सिद्धू ने नयी दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस्तीफे पर इसके एक दिन बाद की तिथि लिखी है।
उधर सिद्धू के मंत्री पद छोड़ते ही आम आदमी पार्टी (आप) जोश में आ गई है। इस्तीफे के तुरंत बाद उन्हें आप की तरफ से पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया गया है। आप नेता हरपाल सिंह चीमा ने इंडियन एक्सप्रेस से एक वीडियो मेसेज में कहा कि ‘पार्टी ऐसे लोगों का स्वागत करती है जिन्हें राज्य की चिंता है। जो युवाओं और किसानों के बारे में सोचते हैं। हम सिद्धू का पार्टी में स्वागत करेंगे।’
Punjab Leader of Opposition Harpal Cheema on Navjot Sidhu.@IndianExpress pic.twitter.com/KhRoaTarcF
— Man Aman Singh Chhina (@manaman_chhina) July 14, 2019
अगर सिद्धू आम आमदी पार्टी में शामिल होते हैं तो पार्टी को पंजाब की राजनीतिक के लिए एक बड़ा चेहरा मिल जाएगा। पार्टी इसे एक मौके की तरह देख रही है। हालांकि इससे पहले भी कई बार सिद्धू के आप में शामिल होने की अटकलें लगती रही हैं। हालांकि कहा जाता रहा है अगर वह आप में शामिल होते हैं तो दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के कद को चुनौती मिलेगी। लेकिन 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी को राज्य में एक बड़ा चेहरा मिल जाएगा। जो कि पार्टी को संगठित रखने और विरोधी दलों के सामने कड़ी चुनौती पेश कर सकता है।

