Aam Aadmi Party Dharna at PM Narendra Modi Residence: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अपने कैबिनेट मंत्रियों सत्येंद्र जैन और गोपाल राय के साथ दिल्ली प्रशासन के आईएएस अधिकारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म कराने का निर्देश देने की मांग को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय में धरना दे रहे हैं। उपराज्यपाल से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर आप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास-7, लोक कल्याण मार्ग पर एक जुलूस निकालने की घोषणा की है। यह जुलूस मंडी हाउस से प्रधानमंत्री आवास तक जाएगा। दिल्ली पुलिस के अनुसार जुलूस की इजाजत नहीं दी गई है। दूसरी तरफ, आईएएस एसोसिएशन ने इस मामले में रविवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आईएएस मनीषा सक्सेना ने कहा कि ‘कोई हड़ताल नहीं हैं।’ अधिकारियों के अनुसार, वे लगातार काम कर रहे हैं और बैठकें भी कर रहे हैं।
केजरीवाल को संबोधित एक पत्र में भाजपा की दिल्ली इकाई के नेताओं व आप के बागी नेता कपिल मिश्रा ने कहा, “आप (केजरीवाल) ने अपनी शक्ति के साथ किसी तरह की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के लिए सब कुछ किया है। यह जिम्मेदारी आपके पद को धारण करने से बनती है। इस उम्मीद के साथ आप को पत्र लिख रहे हैं कि आप अपनी नैतिक जिम्मेदारी के प्रति अपनी अंतरात्मा को जागृत करेंगे।”


मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में अरविंद केजरीवाल शामिल नहीं हुए। केजरीवाल के साथ अपनी एकजुटता दिखाने के मकसद से चारों मुख्यमंत्रियों ने शनिवार को बैठक की थी और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता को समर्थन देने की रणनीति पर चर्चा की थी। आप नेता चाहते हैं कि दिल्ली के प्रशासनिक (आईएएस) अधिकारी सरकार के साथ असहयोग खत्म करें और सुचारु ढंग से काम करें, क्योंकि काम न होने से जनता परेशान होती है। चारों मुख्यमंत्रियों ने शनिवार को केजरीवाल से मिलने के लिए राजनिवास जाने की अनुमति उपराज्यपाल से मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद चारों मुख्यमंत्री केजरीवाल के आवास पर पहुंचे और उनकी पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर गतिरोध के बारे में जानकारी ली। चारों मुख्यमंत्रियों ने केजरीवाल के आवास पर ही रात में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई।
नीति आयोग की यहां रविवार को हुई चौथी जेनरल काउंसिल की बैठक में पहुंचे चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग से मुलाकात की और उनसे दिल्ली सरकार की समस्याएं तुरंत हल करने का आग्रह किया। मोदी से विशेष आग्रह करने वाले चार मुख्यमंत्रियों में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी, केरल के पिनरायी विजयन, कर्नाटक के एच.डी. कुमारस्वामी और आंध्र प्रदेश के एन. चंद्रबाबू नायडू शामिल थे। इन मुख्यमंत्रियों ने दिल्ली के उपराज्यपाल कार्यालय में सात दिन से धरना दे रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया।
मंडी हाउस पर सैकड़ों AAP कार्यकर्ता इकट्ठा हुए हैं। यह सभी पीएम आवास का घेराव करने जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने AAP को जुलूस करने की इजाजत नहीं दी है। प्रदर्शन की वजह से मंडी हाउस पर लंबा जमा लग गया है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार- बाराखम्भा रोड, सिकंदरा रोड, कोपरनिकस मार्ग और मंडी हाउस पर दोनों तरफ जूलूस के चलते जाम है। इन रास्तों पर गुजरने से परहेज करें।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया कि वह उपराज्यपाल के आवास पर धरना के जरिए अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने का नाटक कर रहे हैं। केजरीवाल उपराज्यपाल से आईएएस अधिकारियों को सरकार के साथ असहयोग खत्म करने का निर्देश देने की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली मेट्रो रविवार को अपने मध्य क्षेत्र के पांच स्टेशनों को बंद रखेगी। आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा प्रधानमंत्री आवास पर प्रदर्शन की तैयारी के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।पुलिस की सलाह के अनुसार, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने पहले लोक कल्याण मार्ग स्टेशन पर दोपहर 12 बजे से प्रवेश व निकासी बंद की। इसके बाद केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, पटेल चौक व जनपथ स्टेशन भी दोपहर बाद दो बजे से बंद हो गए। केंद्रीय सचिवालय स्टेशन पर हालांकि इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
आईएएस वर्षा जोशी ने कहा, ''हमें अपना काम करने दिया जाना चाहिए। हम बहुत भयभीत और पीड़ित महसूस कर रहे हैं। हमें पूरी तरह से राजनैतिक कारणों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।''
आईएएस एसोसिएशन की मनीषा सक्सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''मैं बताना चाहूंगी कि हम लोग हड़ताल पर नहीं हैं। यह सूचना कि दिल्ली में आईएएस अधिकारी हड़ताल पर हैं, पूरी तरह गलत है। हम बैठकें कर रहे हैं, सभी विभाग अपना काम कर रहे हैं। हम कभी-कभी तो अवकाश पर भी काम कर रहे हैं।''
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि दिल्ली समूचे देश की राजधानी है, यहां के मुख्यमंत्री को धरना देना पड़े यह दुख की बात है। यहां केंद्र सरकार भी है, जो सब देख रही है। संकट का जल्द हल निकाला जाना चाहिए। केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने भी प्रधानमंत्री से केजरीवाल की मांगें मानकर उनका धरना जल्द खत्म कराने की अपील की।
ममता बनर्जी और विजयन के अलावा आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने राजनिवास जाकर केजरीवाल से मिलने की अनुमति मांगी, मगर उनको अनुमति नहीं दी गई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है और यहां की जनता ने जिसे जनादेश दिया है, उसे काम नहीं करने दिया जा रहा है। तरह-तरह की बधाएं डालकर दिल्ली सरकार को सिर्फ इसलिए परेशान किया जा रहा है, क्योंकि वह भाजपा की विरोधी है। उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री को उपराज्यपाल के आवास पर जाकर धरना देना पड़े, यह बहुत ही दुख की बात है। छह दिन हो गए हैं, लेकिन उपराज्यपाल केजरीवाल से मिल नहीं रहे हैं, बात नहीं कर रहे हैं, जिससे संवैधानिक संकट जैसी स्थिति बन गई है।
अरविंद केजरीवाल के राजनिवास में छह दिनों से जारी धरने को उनके समकक्ष चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शनिवार को समर्थन किया। नीति आयोग की बैठक में भाग लेने राष्ट्रीय राजधानी आए पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्रियों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर प्रेस कान्फ्रें स बुलाकर केजरीवाल के प्रति समर्थन प्रकट करते हुए उम्मीद जताई कि इस संवैधानिक संकट का हल जल्द निकाल लिया जाएगा।